Wednesday, 4 February 2026

आरम्भ है प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड #yatinarsinghanand

कि हर हर महादेव टॉर्च लाइट है या नहीं है है ना कि हर हर महादेव कि नववर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएं गुड़ी पड़वा की बहुत-बहुत शुभकामनाएं बैसाखी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं कि हम लोग फंस गए मैंने 5a है नवीन हमारा वर्ष शुरू हो रहा है संवत्सर शुरू हो रहा है 2078 तो गणपति बप्पा को प्रणाम करके आते हैं सलूट मार के आते हैं ताकि सब ठीक रहेगा कि अनफॉर्चूनेटली मेरा भाग्य नहीं था अच्छा दुर्भाग्य मां गए तो सब बंद था पुलिस वालों ने बोला आप भारतीय प्रणाम कि यह सब बंद है मॉनिटर लगा हुआ इसी में बप्पा के दर्शन कर तो पंडित जी अंदर मंत्र चार वगैरह कर रहे थे हमने बाहर मॉनिटर से दर्शन किया फिर शिखर के दर्शन किए और त्वचा के दर्शन किए उसके बाद महालक्ष्मी गए महालक्ष्मी गए तो वहां पर भी वार जो है बंद थे तो सीढ़ियों के नीचे से एक बाबा हमें मिल गए अच्छा बड़ी अच्छी बात हो गई मैंने जिनके साथ पोस्ट किया है वह पिक्चर पोस्ट की है बहुत अच्छे टैक्सी ड्राइवर उनका टैक्सी है और वह मुझे वह वहां गणपतीच्या सिद्धिविनायक भी मिल गए गहने कि हर हर महादेव माताजी आपको शिवानी दुर्गा जी है तो हम मैं वह हर महादेव तो बोले कि आप के मंदिर तो बन है फिर टैक्सी की खड़ी हुई थी तो वहां से बाबा को प्रणाम करके हम मी के साथ जो है वह लक्ष्मी के लिए निकल लिए तो मैं और लगी दोनों है हाथ दोनों थे साथ में है संयुक्त राष्ट्र में एक बड़ी बातें हैं बड़ी रोचक बातें हैं देशभक्ति के ऊपर राष्ट्रभक्ति को कूट कर भरी है उनके अंदर और तो बड़ा आनंद हुआ एक ऐसे व्यक्ति से मिलकर कि कि यह होता है कि आप ऐसे किसी व्यक्ति से मिला जो देशभक्ति की बात कितनी सुरीली और धड़ल्ले से करें तो बड़ा अच्छा लगा उनसे मे को मुझे उनका नाम बिल्कुल नहीं पता था और फिर उन्हें यति नरसिंहानंद सरस्वती जी का भी नाम लिया उन्होंने बोला कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि साधु समाज से कोई खड़ा क्यों नहीं हुआ आप सोचिए कि यह बात जहर एक पढ़ा-लिखा और पढ़े-लिखे लिक्विड टैक्सी ड्राइवर है ठीक है पढ़े-लिखे एकदम आप पढ़े-लिखे व्यक्ति हर व्यक्ति उस बात को समझ रहा है कि जब बुद्धिमान व्यक्ति है जो भी है बहुत अच्छे से समझ रहा है है कि साधु समाज से साधु के लिए की कोई खड़ा नहीं हो रहा कोई भी बयान अब तक जारी क्यों नहीं किया गया दुर्भाग्य है देश का ऐसे साधु अगर है अभी सुबह किसी ने मुझे लिखा था कि आप अखाड़ों की बदनामी ना करें आप अखाड़ों के लिए ऐसे ना लिखें है अरे तो फिर मेरे को क्या आवश्यकता है जितने कि मैं तो यह अखाड़ों के बारे में कुछ भी नहीं लिखना चाहती थी कि पहाड़ों का जो कर्तव्य है करना चाहिए था यहां तो बड़े लोग लेक्चरार जाते हैं शिवानी दुर्गा को यह नहीं करना चाहिए वह नहीं करना चाहिए पाखंडी हैं तो एक काम करो पहले इसको मिलाकर फोटो यह बात करो ठीक है वहां पर जाकर बात को है जो साधु के साथ अधिक खड़ा ना हो जो हिंदू के साथ हिंदू खड़ा न तो पाखंडी है कि नकली या फिर अ मैं एक आम साधारण व्यक्ति है कि मैं तो अभी इतना ज्यादा बाहर निकलती नहीं है कि को ना बहुत है यहां पर उनको यह बात पता है वह यह बात बोल रहे हैं लेकिन हमारे साधु समाज के लोग सोए हुए हैं और यह दूसरों को जगाने की बात करते हैं और हिंदुओं को जगाने की बात करते हैं जसवंत सो रहे हैं और नाइन में राष्ट्र की भावना है और ना ही उनके अंदर धर्म की भावना है इनके अंदर किस की भावना है कि सरकार से मिलने वाले नीले पीले हरे गुलाबी नोट होंगी कुछ नहीं बोल रही हूं यह पूरा भारत बोल रहा है साधु समाज को कुछ तो शर्म आनी चाहिए कि साधु समाज से एक साधु संन्यासी को जो आनंद अखाड़े से ही है और मेरे गुरु भाई है एक ही गुरु से हमारी संन्यास दीक्षा है हैं उनके लिए कितनी बड़ी बात कोई भूल गया इधर में कि उनके पोस्टर जलाए जा रहे हैं कि उनके फोटोस के ऊपर जूते मारे जा रहे हैं शर्म नहीं आती अखाड़ा अध्यक्ष जी हैं कि आत्मा सूख चुकी है आत्मा मतलब शरीर का तिलांजलि तो दिया ही था आत्मा कभी दे चुके हैं आप एक साधु समाज से किसी को कोई व्यक्ति पोल जाए तो यहां पर साधु खड़ा हो तो आपके नागा किस काम के है और आप की अध्यक्षता किस काम की कौन सी अध्यक्षता करते हैं को खाली महामंडलेश्वर बनाते हैं का पैसा हो गाड़ी के लिए ये सब पैसे की माया है तो अपना नहीं पर आया है सोचा करती थी बचपन में साधु कितने पावन है आज ब्रह्म यह टूटा है आधे से ज्यादा रावण है इसीलिए आज घर आ मेरी फूट-फूटकर रोती है फूट-फूटकर रोती है ल पूर्ण होने से रोकती है में एक आरती की थाली की लपटों में घिरी होती है तो क्या यही है गाथा साधु की जो वेदों में लिखी गई कि वे धर्म और बैठे सिंहासन ने धर्म नगरी तिलिंग जो धर्म बचाएंगे नाहक ही मारे जाएंगे जैसे हमारे माननीय सबसे प्रिय योद्धा यति नरसिंहानंद जी है जो धर्म बचाएंगे नाहक ही मारे जाएंगे और जो नहीं बचाएंगे साधु समाज जो रूल पालघर के लिए खड़ा हुआ और ना ही यति नरसिंहानंद जी के लिए कि यह गौरव में काहे के साथ उन भगवा पहन लेने से गुस्सा हो नहीं हो जाता तिलक लगाने से ब्रह्म नहीं हो जाता है याद दिला दीजिए पदवी कि अगर साधु-संन्यासी हिंदुत्व के लिए लड़ रहा है शहर है सम्मान व उनके लिए आपके लिए कोई सम्मान नहीं है कि सलमान उसे कहा जाता है जो पीठ पीछे किया जाए अपनी पीठ पीछे देख लीजिएगा सामने तो बहुत है ना आप के दर्द पीठ पीछे की झांकी लीजिएगा अध्यक्ष महोदय है कि आपके पीठ पीछे क्या बात की जाती है जो पीठ पीछे की जाती है वहीं आपके लिए मान्य है तारीफ पीछे होनी चाहिए जो नहीं होती है बहुत से लोगों से मिला हुआ है मेरा सभी जो मैं आपसे नाराज है कि आप की अध्यक्षता में कुछ कोई खास विषय कुछ यह हुआ नहीं है जहां साधु के साथ इतना बड़ा नवाचार हुआ अत्याचार हुआ दो आलू हमारे पिछला 16 तारीख को 16 फ्रिल थी वह तारीख 16 अप्रिल 2020 जब पाल घर की दुर्घटना हुई थी तो है और आज तक कोई न्याय नहीं हुआ हैं और अब यति नरसिंहानंद सरस्वती जी के लिए कहा गया है कि उनका गला काट देंगे दबन काट देंगे अ में कितना हलवा है और कमलेश तिवारी जी के साथ हो गया क्या किया साधु समाज में बताओ ना ए सनम रे कि सरकार से पैसा नहीं मिलता खूब नहीं होता तब बड़े तिलमिलाते हुए लोग कि सरकार को पैसा देना बंद कर देना चाहिए की जमीन को सरकार से पैसा नहीं मिलता तब बड़ा तकलीफ होती है तब निकलकर बाहर आ जाते हैं लोग है लेकिन कि जब इंक खड़े होना युद्ध करना है की तबीयत मौन धारण कर लेते हैं यह हुई बात समय आ रहा है नवरात्रि का आज पहला दिन है भगवती जागृत है कि उनका जब तक मौन जप बोलेगा अच्छा अच्छा अच्छा मुंह खोलेगा कि मुझे बड़ा अच्छा लगा 111 एसिड टैक्सी ड्राइवर से मिलकर सलूट है उसको जितनी देर मेरी बात छुपा देर में में कि भाड़ सिद्धिविनायक से और महालक्ष्मी मंदिर तक पहुंचने के लिए लगा दो है तो हमें देशभक्ति राष्ट्रभक्ति कूट-कूट कर भरी हम कैंसर है मैं उनसे नर्सिंग रप मे से बैठीं सबसे पहला प्रश्न उन्होंने ही किया कि आप बुरा तो नहीं मानेंगे आप एक बात पूछें बैंक पूछिए वह साधु समाज नसीहत दी नरसिंहन जी के साथ खड़ा क्यों नहीं हुआ कि यह पहला प्रश्न उन्होंने मुझे बैठते ही अंदर पूछा है तो मतलब यह केवल एक प्रश्न नहीं है अखाड़ा अध्यक्ष जी कि यह आपके अब इस कार्य की क्रिया जो आप करते हैं है जिसका इतना बड़ा गुण गान होता है कि अब उस पर प्रश्न चिन्ह है और एक ने नहीं एक सुसंस्कृत मैं मिलती हूं तो उन्होंने पाया गया यह शोध तो सोचिए कि पूरे भारत के हर सनातनी के मन में यह प्रश्न चल रहा है और क्वेश्चन माप शिवानी दुर्गापुर नहीं है क्वेश्चन मार्क अखाड़ा अध्यक्ष पर है तेरा पारंपरिक अखाड़ों पर है कि अ क्यों ना हो तो क्यों ना हो आप लोग भगवान बने फिरते हैं कि किसी की भी धज्जियां उड़ा देते हैं कुंभ के अंदर अ कि उसके सम्मान से खेल जाते हैं आपके बहुत से साथियों ने शिवानी दुर्गा के लिए अपशब्द ऐसे अपशब्द उनमें से एक कंप्यूटर बाबा भी थे मैं अपनी गति से बैठ करके ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जो एक मुझे बोलते हैं वह एक साधु जूस व्यास गद्दी में बैठे होने मेरे लिए कहा था है जून को शोभा नहीं देता तो यह सब करवा लेते हैं है लेकिन और आज जब आवश्यकता है यति नरसिंहानंद सरस्वती जी जैसे लोगों को संन्यासियों को कि आप लोग उनके साथ खड़े हो अरे आप लोग खड़े हो जाए तो मजा ले किसी की कोई भूल जाए यह आप लोगों की कमजोरी है जो पता नहीं कितने साधुओं की जाने चली गई थी कि थोड़ी यदि आप लायक नहीं है उसके कि भगवा पहन लेने से कि अब तक हो जाते हैं आप एक विचित्र है विचित्र कि चरित्र है है तो सलूट है ऐसे टैक्सी ड्राइवर है जो देश भक्ति दिन के अंदर जाती है और ग्राउंड लेवल पर यह लोग काम करते रहते हैं और उसके बाद जब वहां पर मैंने नीचे ही प्रणाम किया महालक्ष्मी मंदिर के बाहर नीति प्रणाम किया वहां थोड़ा सा गया एक जगह पर हम लोग को माला खरीदने भी अ की बड़ी अच्छी मालाएं मिल रही थी वह सिर्फ कि मुझे खरीदना था यह सब खरीदना था ना है तो कि हम लोग वहां पर जब तक वहां पर गए तो एक साथ में पान वाले भइया की दुकान थी मीणा वहां पर भी बड़ी चर्चा से चेहरे मंदिर में हमको जाने नहीं देते हैं और हम पर पुलिस वाले लठ बरसाते हैं लेकिन अगर उधर किसी विधर्मी के यहां पर जाएंगे तो वहां पर लल्लो-चप्पो करके और राम राम करके निकल जाते हैं वहां से क्योंकि नहीं तो उनको ही को उड़ जाते हैं वह किधर मिलोगे में भी यह सब चर्चाएं कि हर जगह हो रही है कि हर नुक्कड़ पर हो रही है इस देश में हिंदू राष्ट्र कब पड़ेगा एक हिंदू राष्ट्र में हिंदी को तकलीफ क्यों है हिंदू राष्ट्र में विधर्मियों से हमें खतरा क्यों है हम डर क्यों रहे एक हिंदू राष्ट्र में हिंदू अपनी बात क्यों नहीं रख सकता यह सब कृष्ण हर कोने नुक्कड़ पर चल रहे हैं ऐसा नहीं है कि आंधी आई नहीं तूफान आया नहीं बन आतंकी आंधी आ चुकी है और भैया आप सनातनी वह किसी को गाली देने से पहले है और धमकी देने से पहले एक सौ बार सोचेगा मैं कितनी बार सौगात है कि हर सनातनी ने अपने पास अपना हथियार रखा है अस्त्र-शास्त्रों हर सनातनी सच्चे संत ने Bigg Boss दुर्लभ है उसमें दलाल टाइप हैं जो इधर दिखाते हैं उधर भी खाते हैं जो इधर भी बन जाते हैं उधर भी बन जाते हैं उनमें से वह इंट्रोवर्टेड है कि उन्हें मलाल कहती हूं में बने रहना है हिंदू लेकिन कार्ड वह दोनों खेलते हैं मैं जानती हूं कुछ ऐसे लोगों को मैं जो आईडी इन की बनी हुई होती है हिंदू नाम से लिखने कन्वर्ट हो चुके होते हैं तो यह इधर से भी ले रहे होते इधर से विवाह पीर अली का बैंगन को कि तुल्य क्लॉक को मैं यहां आएंगे शुभकामना करने के लिए तो करते रहो एक सनातनी ना इस समय तुम को समझ नहीं आ रहा लेकिन सनातनी समय बहुत अच्छे जूते से बड़ा आनंद आया कि लंबी साइड पर जाकर है बड़ा आनंद हुआ समझ में आया कि यदि एक बोल रहा है तो मतलब सॉरी बोल रहे हैं और मतलब हजार और लाइक और करोड़ भी बोल रहे हैं इस बारे में साधु समाज और अखाड़ा अध्यक्ष जी माननीय तरफ सरस्वती ध्यान दीजिएगा धर्म हो गया तो अच्छे-अच्छों की रही मैं रही उन्हें भी रहे नहीं रहे कर्मों से पहचाने गए थे का पैसा कितना भी जमा कर ले जाएंगे छिटपुट में सबसे ज्यादा से ज्यादा रखो का सफर नेक मोहम्मद जफर ने एक बहुत सारी बहादुर शाह ज़फ़र ने एक लास्ट में वृद्धि होगी न कि उसमें था कितना है बदनसीब ज़फ़र दफ़्न के लिए 12 ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में है मतलब जितना भी कर लीजिए का अंत समय कछु नहीं मिलेगा तो कि मिट्टी अम्लीय मिट्टी फटी हुई जगह देगी मिट्टी ही बचाएगी कि हम मिट्टी में मिल जाएंगे कि हर हर महादेव जय भवानी जय भारत

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