Wednesday, 4 February 2026

आपदा से अवसर

हुआ था कि हर हर महादेव ओ हुआ था आप लोग जुड़ेंगे तो पता चलेगा शुरू करेंगे हुआ था अजय को कि अ MP3 बहुत से लोगों की शिकायतें हैं किसी एक हां हां उस चीज को लेकर के अ कर दो तो मैंने सोचा उसी पर बात करते हैं जाकर कि अ कि मेरे फोन में प्रॉब्लम है या नेटवर्क में प्रॉब्लम है भगवान जाने जो बार-बार शिकायत आती है कि आवाज में प्रॉब्लम हो रही है अरे भैया गजब की यह मैं आप लोगों को आवाज आ रही है कि हर हर महादेव जी हुआ है मैं आप को एक कहानी सुनाने का मन है मैं तुझे लगता है कि मुझे लगा कि चलना चाहिए मेरी दादी मुझे सुनाया करती थी फिर मैंने उन दृष्टांत महासागर में भी बहुत अच्छी की कहानी पढ़िए जुदाई बचपन में सुनाती थी मैंने दृष्टांत सागर में भी बड़ी बहुत सालों के बाद आदि के जाने के बाद मुझे लगा आज मुझे आप लोगों से शेयर करना चाहिए हुआ था शायद कभी किसी वीडियो में पहले भी बताया हो कि एक तिल प्रकार था कि शिल्पकार यानी कि जो झाल आ आर्किटेक्चर उसको बोलते हैं वैसे तो इंग्लिश में लेकिन जो मूर्तियां बनाते मुर्तिकार कह सकते हैं लेकिन विशाल वैसे तो शिल्पकार था बिल्डिंग इमारतों का काम उनमें नक्काशी करना पत्थर को काट-छांट के पत्थर से और छेनी से और हथौड़ी से अपने जो है सुंदर फूल पत्तियों का डिजाइन बनाना थोड़े साहूकार से लोग उसे अपने गांव में बुलाया करते थे और यह उस समय की बात है जब हमारे पास सुविधाएं बहुत कम थी सुविधाएं मतलब इस तरह की जो आजकल की सुविधा यह तब हुआ करते थे तो पैदल यात्रा की एक गांव से दूसरे गांव में जाने के लिए बहुत दिनों तक पैदल यात्रा करनी है के दुश्मन प्रकार है उसे कहीं इनवाइट किया गया किसी गांव में है और उस अगर तक पहुंचने के लिए उसको अपने गांव से साथ गांव पार करने से मैं तुम्हें गांव पार करता था तो जब वह अपने गांव से शुरू मैं क्षमा करें नेटवर्क का इशू था है तो कि जब वह अपने गांव से निकला तो एक छोटा सा उसने पत्थर जो है पेड़ के नीचे रखा को चल दिया था कि एक गांव पार करने के लिए उसको एक दिन लगता था उस दिन में रात में सुथार दिन में चलता था बीच में विश्राम करता था हैं तो इस पेड़ के नीचे बैठ जाता था और उसके आसपास क्योंकि पहाड़ों का रास्ता हुआ करता था पहले जंगलों व ज्यादा हुआ करती थी तो आसानी से पत्थर भी मिल जाए पत्थर भी पड़े हुए मिले थे उसका सबसे बड़ा जो गुण था वह था शिल्पकारी अ हुआ है है तब उसको जहां देखिए पूर्ण की बात है रावण आदमी का जहां भी होगा वह बोलेगा बात करेगा वहीं जो होता है उससे आप जब आपको किसी चीज की आदत होना तो वह आप करते हैं वह आप उस वह आप मतलब आप रोक नहीं पाएंगे अपने आपको अगर कोई गुण आपके अंदर है तो इससे रिलेटिड आप कार्य करेंगे करेंगे अब है तो शिल्पकार भी विचारा खाली बैठने से बोर होता था तो इसलिए जहां रफ्तार विश्राम करने के लिए तो एक काम उसमें उसमें वह बड़े आनंद से क्या करता हर गांव में एक अब पत्थर उठाता उसके कुछ डिजाइन बना करके छोड़ देता है वहां पर पेड़ के नीचे छोड़कर फिर निकल जाता तो ऐसे करके उसमें साथ गांव पार्टी तो सातवां हुए 27 चीजें बनाई एक जब लास्ट गांव आया उसका नगर में पहुंचने से पहले जब लास्ट डू एक आया तो उसको बड़ा पत्थर बड़ा अच्छा पत्थर मिला कहीं से वहां काफी पत्थर अच्छे पत्थर थे तो उसने पत्थर पर जैसे ही यह छह नहीं रखते हुए थोड़ी मारी तो पत्थर जोर से चिल्लाया मत मारो मुझे मत मारो की बहुत आवाज है उसे जैसे क्यों मतलब उसको काफी दर्द हुआ और है तो उसको बड़ा दुख हुआ कि पत्थरों को काफी दर्द हो गया तो उसने पत्थर को साइड में कर दे हुआ था अब जो है दूसरा उसने कहा कि उसके पास समय थाने के लिए तो उसने दूसरा पत्थर उठा लिया उसको महाराज फिर से क्रॉस करके कुछ टेप दिया तो उसको भी वहां रखा और चल दिया कि उस प्रभु सब कहते हैं कि जो आपके अंदर होता है वह कीड़ा कुलबुला था जरूर है तो उसके अंदर खड़ा था काम करने का किया था कुलबुलाता ना खाली टाइम वेस्ट नहीं किया उसमें हाथों में उसने कुछ न कुछ अपना अपनी निशानी छोड़ दी बना करके अपने गुणों को छुट्टी के लिए उसके गुण होते वह छोड़ा उसके बाद में नगर में पहुंच गया और जिस साहू कारण सुलाया था उसका कि उसके काम की तारीफ की तो उसने अपना काम किया कुछ महीनों के पश्चात वह वापस उसी के ऑफिस को वापिस जाना था अपने नाम तो जब वहां से वापस जाने लगा कुछ महीने बीत लाइटों की शिल्पकारी हाथ से की जाती थी तो समय भी लगता था है तो जब वापस जा रहा था उसने देखा कि जहां जो पहला पड़ाव है कि उसने देखा लोग जो है उस मूर्ति की घड़ी में भगवान की मूर्ति थी उसे भगवान की मूर्ति बनाई थी लोगों की पूजा कर रहे हैं उसकी पूजा हो रही है वह छोटा सा लोगों ने श्रद्धा श्रद्धा बना दिया पुरे और नारियल फोड़ रहे हैं कि उसने भी वहां प्रणाम किया आम आदमी चल दिया लेकिन उसने यह नहीं बताया कि उसने बनाया है कि आगे चल रहा हो वहां के लोगों के रूप में आ है और फिर वहां के राजा को पता चला कि ऐसे-ऐसे किसी तरह होने की खबर पता चली कि काम हर व्यक्ति के कान की पहचान होती सिग्नेचर वह खुद है उसका तो जब साहूकार के आज उसने काम किया था वहां से जब सातवां पार करके देख रहे हैं क्वालिटी फालतू पता चला कि राजा ने जो है घृणा या उसे और अंतत उसे राज परिवार राजघराने में क्या राज दरबार में सॉरी राज दरबार में नौकरी मिली कहां वह हर जगह और उसके लिए फिर उसको अच्छा आवास मिला अच्छा था उसको दिया जाने लगा तो आदमी की पहचान उसके कर्म से होती है अभी कुछ लोगों लोगों ने लिखा एक व्यक्ति हैं कोई उन्होंने लिखा कि मंदिर मंदिर तोड़ना है तो क्या मंदिर में पूजा करके क्या मन उस क्या कुछ तो अचार डालूं क्या रोजगार नहीं है तो मंदिरों में जाकर के अचार डालूं श्रुति या अचार बनाना भी रोजगार है गांव में जा करके देखिए अचार से भी लोग रोजगार प्राप्त करते हैं यह आपके घुटने के ऊपर है जो आलसी होगा वह हर चीज में अलग ढूंढेगा कहीं काम नहीं करना चाहेगा और जिसके अंदर काम करने की आदत है जिसके अंदर गुण है वह आदमी बैठ नहीं सकेगा खेलने वह अपना कार्य करता रहेगा कि आपके ऊपर है कि आप किस जैसे मोदी जी ने कहा था कि आधा से अवसर किस तरह से निकाला जाए तो यह तो अब आप जिन लोगों को बैठे-बैठे खाने की आदत पड़ गई हो ठीक है तो उनको थोड़ी तकलीफ हुई नाभि अब जो लोग मेहनत करने वाले लोग हैं तो प्लीज नहीं होगी कभी भी कहीं पर चले जाएं अपने से कि हमारी दादी कहती इंसान अपने गुणों से कहीं पर भी कमा कर रह सकता है हुआ था लेकिन अब दिन खूब बड़ी-बड़ी इमारतें ही चाहिए सब सुख सुविधा चाहिए वह भी बिना मेहनत किए तो उनको मेहनत करने में जो रहेगा बाकी किसी को जोर नहीं आएगा कि टी इसलिए आप लोग उससे बस यह दृष्टांत शेयर करने का सिर्फ यह अर्थ है जो कि हमारे पास भगवान ने इतना कुछ दिया है और ऊपर से साथ में दिमाग दिया है कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा इतनी बड़ी पृथ्वी है ले करें कि हम कि किस तरह से समय का सदुपयोग करते हैं हमारे गुणों को हम कहां डालते हैं जो लेखक है वह लिखने का काम करेगा ही कितनी भी असुविधा हो कहीं पर भी बैठा हो मैं जस्ट अभी एक्सांपल लेती हूं मैं अपनी डायरी ले जाती हूं हर जगह मेरे साथ होती है पैन होता है को शेयर पास यह नहीं भी होगा तुम पेज खाली पेट मुझे मिल जाएगा मैं उससे भी लिखूंगी अगर जो व्यक्ति का गुण है वह सामने आएगा ही आएगा व्यक्ति अपने गुणों से पहचाना जाता है जो लोग करना ही नहीं चाहते अब जो आलसी हैं उनका तो कोई इलाज नहीं है लेकिन बाकी लोग जो है थे मेरा उनसे सिर्फ यह दृष्टांत बताने का रीजन के लिए था है कि हर चीज में भगवान ने हमें अवसर दिया है में कीचड़ में कमल खिलता है बुराई में भी अच्छाई होती है हमें देखनी पड़ेगी मेहनत करनी पड़ेगी हमें जो अवसर हमें दिए गए हैं नीचे ने हमें अवसर दिए हैं उन्हें टटोलना होगा खोजने की आवश्यकता नहीं सब उपलब्ध है लेकिन अब हमें आदत नहीं है तब हम यह रोते हैं अदरवाइस हमारे लिए बहुत कुछ अवेलेबल है और है बस मैं इसी से जुड़ा हुआ यह वीडियो था कि रोजगार को लेकर के लोग जो में हो रहे हैं बहुत से लोग हैं ए रुद्दर इंसान क्यों करता है क्यों करते हैं बेसिक हमारे नहीं किया है कि अ बैठे-बिठाए आप सोचो छप्पर फट जाए और मोदी जी जो है सबके घरों में पैसे पहुंचा दें कि हम नहीं होने वाला वह तो किसी भी प्राइम मिनिस्टर में आज तक नहीं किया तो इसलिए मोदी जी से ऐसी उम्मीद रखना है ऐसे कुछ लोगों की बेवकूफी और मंद बुद्धि को दर्शाता है अपने कर्म पर विश्वास रखिए अपने स्वयं पर विश्वास रखिए आपके पास भगवान ने इतना सुदृढ़ शरीर दिया है उस पर विश्वास रखिए अपने दिमाग पर विश्वास रखिए अपने आस-पास झांकने की कोशिश कीजिए बहुत सारे अवसर तो आपको ऐसे ही दिख जाएंगे तो अभी आप पर है कि आप उसका उपयोग कि हर हर महादेव जय भवानी रखें जय भारत

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