Wednesday, 4 February 2026

अध्यात्म एवं विज्ञान ( Science vs Spirituality)

अजय को कि अ आज हर हर महादेव हर हर महादेव अवश्य चेक कर लेते हैं और साथ में पहली है और सुनाओ हो जाता है कि हर हर महादेव में अवश्य है तो आवाज क्लियर है हुआ था मैं तब शुरु करो ताकि मुझे पता चल रहा है कंफर्म किया है इट्स पॉसिबल इस क्लियर लाउड एंड क्लियर कि मी लुट तो चलिए है बीमा कि हर हर महादेव हर हर महादेव हर हर महादेव आप सभी को लेकिन कि आप सुन पा रहे हैं तो झाल ओके थैंक यू अ है निर्भय सिंह ऑल राइट ठीक है है तो आप सभी को हर महादेव वेरिफिकेशन आपने भी देखा होगा कि वह ऐसा होता है कि पैनल में हमें मौका नहीं मिलता जो बात हम देकर करना चाह बहुत सारी बातें होती हैं लेकिन हां माय लाइफ माय ही रचना तो हम लोग बातें जो है वह साथ में बहुत सारे लोग होते हैं तो हम बहुत सारी बातें नहीं बोलते समय तो यह बहुत इंपोर्टेंट भूलें क्योंकि इस चैनल पर मैसेज ज्यादा इंपोर्टेंट होते हैं वह बोलते हैं उसको आपके सामने मैंने लिखते हैं में सूजन कैसे होता है बीच से बीच की उत्पत्ति कहां से शुक्राणु से और शुक्र कैसे बनता है भोजन से भोजन कहां से आता है पृथ्वी से पृथ्वी कहां का हिस्सा है ब्रह्मांड का ब्रह्मांड की उत्पत्ति कैसे हुई साइंस का यह बैग थैंक्स अ हुआ है है और वे कहते हैं बिंदु से ना से अ कि जिस चीज को साइंस बिगबैंग बता रही है वह अश्लील वह बिंदु है जहां से उनका व्यक्तिगत मामला जहां से उत्पत्ति हुई है सारी है कि जो भी कहते हैं कि केवल सृष्टि पहले बीच का एक अंश थी अ कि ऐसे-ऐसे जो इस तरह के अभी आप जैसे वह बच्ची जो है प्रतिमा रॉय इसके लिए उसने सारा उसको थोड़ी किया गया उसे उसके बारे में का उल्टा सीधा लिखना आ गया अब यह बताइए कि वह अगर क्योंकि उसमें हिंदू देवी देवताओं कि कि आम विग्रह थे और तस्वीरें इसके लिए इतना बड़ा मुद्दा बन गया लेकिन अगर यही नहीं अल्लाह अल्लाह का फोटो लगाया होता चर्च का फोटो कहीं से लगा मतलब क्वेश्चन इसका फोटो लगा और तकलीफ नहीं होती है हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें आप लोग हमारे बहुत सारे विघ्न उनके नाम आपको बता रहे हैं उन्हें भी डॉक्टर घूस लेते हैं जिन्होंने पत्ती है और वह अब तक भगवत गीता पढ़ते हैं उसमें बहुत सारी चीजों को बताने का प्रयास किया है रफेल का प्रयास किया subscribe करे क्वाइल है जिससे उनका अपना ग्रीस है पुराने अगर उसने लें तो माइकल फैराडे और स्टाइल अब्दुल कलाम और कल्पना चावला और भी क्वेश्चन करके एक छोटा सा वीडियो बनाया था और किस तरह से कार्य करते हैं जैसे हम कहते हैं कि स्वरोजगार प्रशिक्षण और इसको से जुड़ा हुआ तो यहां रहती है हिसाब से होती है जिसे कहते हैं तो उसको हम उसे ब्रह्म से जुड़ा हुआ मानते हैं वह सदैव से जुड़ी रहती है है क्योंकि वही हमारा मूल स्थान नहीं है कि यह तो डिफरेंट पृथ्वी है मंगल है और शनि है यह व्यस्त हमारे लिए हम विड्रॉल करते हैं तो यह जो यात्रा के बीच में आते हैं उनमें से एक पृथ्वी लेकिन हमारी अ एक बार तो हम अब इस चीज को माने या ना माने वैदिक थ्री इन चीजों को शुरू करते हैं महेश भट्ट बैठे थे तो किसी का है लेकिन वह बोल रहे थे मतलब काफी कुछ बोल रहे थे कि नहीं कर सकते हैं इस बारे में चर्चा होनी चाहिए चर्चा होनी चाहिए साइंस को जन्म देने वाला अध्यात्म के वैज्ञानिक दिमाग खराब नहीं आती जो हमने लिखा है जो उसके पास है घ्राण शास्त्र हमारे पास अगर उसके पास यह नहीं होता तो कभी जाकर के बारे में रिसर्च नहीं करते हैं इस बारे में रिसर्च भी नहीं होता है कि यह प्रश्न उठे क्योंकि स्प्रिचुअलिटी अध्यात्म ने विज्ञान को एक प्लेटफॉर्म दिया जाओ सर्च करो फोन यह तो सांस भी नहीं मानते एक अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति हैं महाराष्ट्रियन का काम इसलिए यह धर्म पर प्रहार अगर यहां पर बाबा साहब अंबेडकर की फोटो की तारीफ करने की वजह से लोगों पर बना रहे होते हैं कुछ और लिख रहे हो गया नींबू के नीचे रखा गया प्रॉब्लम प्रॉब्लम प्रॉब्लम हिंदू की विचारधारा के विश्वास सिस्टम से है कि इनका सीधा प्रहार होता है साधु-महात्माओं पर वह कौन बैठे थे जो भी बैठे थे वह बोल रहे थे कि या धर्म के ठेकेदार जिनको शब्द बोलना नहीं आता धर्म के ठेकेदार तो तुम के साइज के ठेकेदार हो ऐसे लोग के साइंस के ठेकेदार हैं है एयरटेल का ले रखा है क्या समाज को सुधारने का सारा और भ्रम फैलाने का वे रिच्ड थे रिग वेदिक सिस्टम एक चीज को प्रमाणित करता है जैसे कि अब हमारे सात चक्र इन चक्रों के हम्म जब कोई शब्द बोलते हैं मंत्र किस तरह से काम करते हैं वह बताती हूं आपको जब हम कोई शब्द बोलते हैं उस शब्द का एक ही रोल होता है उसके एक पर्टिकुलर फ्रीक्वेंसी है एक पर्टिकुलर ऑल्विन से यह हमारे क्षेत्र से जुड़ी हुई है जब हम उस मंत्र का उच्चारण करते हैं तो वह फ्रीक्वेंसी उससे जुड़ी हुई सिक्वेंस सी से जाकर मिलती है और हमारे कार्य उच्च स्तर की है अब लॉ आफ अट्रैक्शन आप देखते हैं उसको मान लेते हैं लेकिन जो ऑलरेडी खोल रखा है हमारे ने भगवत गीता ने कि आप जो करोगे उसकी फल आपको मिलेगा जैसा आप करोगे उसकी उस पर ही फल आपको प्राप्त होगा तो पहले आप सौंठ अपने नजरिए पर प्रश्न चिन्ह लगाया उसके बाद उसको आपने खूब सड़ी है झाल क्या कहते गुर्जरी उसके बाद में उसने उसका एक मूल रूप लिया मूर्त रूप दिया और के सामने आपको डी एंजलो है यूनिट ज्वेलरी यह कहते हैं अजय को है तो अब मैं आपको बता दूं बिंदु जो है वह चक्र अवॉर्ड की बात करते हैं बिंदु छात्र दूं त्रिकोण मक्कार रूप महेंद्र शर्मा अवतार समष्टि रूप अब कंठ-स्वर होता है यह पौन इंच थ्रोट चक्र इसमें स्वर होता है हृदय में कसे थक के स्वर बोले जाते हैं जो सिरे से आपके निकलते हैं वहां से थके विशुद्ध चक्र से जुड़ा हुआ है जब आप बात करें तो वाइब्रेशन आपको समय थ्री यहां पर वाइब्रेट होता है ना भी हुए द से फट खोलकर देख लीजिए आपको समझ में आएगा आपको वहां पर वह वाइब्रेशन कि लोग जमीन स्किन अलंकारों को आप बोलते हैं कि स्वाधिष्ठान में बहुत से लोगों तक मूलाधार में व से 100 तक आज्ञा चक्र में आखिरी और शॉप यह हमेशा स्थित रहते हैं तो यह साइंस में बाद में बताएगी साइंस साइंस साइंस मूत्र रूप दिखाती है जो हमारे पास पहले से ही है थे साइंस हमें उसी सूक्ष्म का स्थूल रूप दिखाती है कि विज्ञान क्या करता है आपको दिखा रहे हैं तो दिख जो चीज दिख रही है वो स्कूल है पर वह पहले विचार हमारे मस्तिष्क में आता है वह सूख में है जब तक हम सूक्ष्म को स्कूल आकार में नहीं देख लेते हम विश्वास नहीं कर पाते थे है और साइंस यह सब चीजें यह सारा जो बेस है साइंस का को अधिकतम पर निर्भर करता है अर्थात मिश्री अध्यात्म का ही बेस है साइंस कर दो अच्छा ठीक है फ्रीक्वेंसी एनर्जी की बात करते हैं कि वह फ्रीक्वेंसी और एनर्जी की बात हमारे पूर्वज कर चुके हैं भगवत गीता भी आप यानि एनर्जी की बात करते हैं है जो दिखती नहीं है लेकिन अलग-अलग रूप धारण करती है इस तरह से ऐसे बहुत सारे ऐसे बहुत सारी चीजें हैं जिनको आप मतलब स्किन जा सकता है शास्त्रों के आधार पर विकसित किया जा सकता है परसों किया था आपके साथ विचारों की शक्ति को सबस्क्राइब किसी के शास्त्र का अध्ययन उपनिषदों के अध्ययन और शस्त्र विद्या में पारंगत होना इस समय हर सनातनी के लिए अत्यंत आवश्यक है ताकि धर्म बच्चे और राष्ट्र विरोधी है कि आप हिंदू राष्ट्र तब तक नहीं कह सकते जब तक हम खुद इकट्ठे ना हो जाए और जब तक हमें खुद इंफॉर्मेशन नहीं है हमारे धर्म शास्त्रों के बारे में हम किसी को उत्तर नहीं दे पाएंगे तो कि इस समय सब को एक होना आवश्यक है एक ही प्लेटफार्म पर हर सनातनी को होना चाहिए सनातनि का विकास दुबे जी कुछ भी नहीं है अब ऐसा नहीं है विज्ञान का अपना एक योगदान है डिफरेंशल टू विज्ञान अध्ययन है जो चीज हमें पहले सुक्ष्म रूप में दिए हैं वह विज्ञान हमें स्कूल रूप में दे रहे बस है और यह अच्छी बात है कि आज हम पैरों को ब्रह्मांड को प्लैनेट्स को ढूंढ पाते हैं हमारे पास गैजेट्स डिवाइस इस हमारे पास टेक्नोलॉजी है हम डिजिटल हैं पुराने समय में यह जो चीजें हमें सूक्ष्म रूप में दी गई हैं इनका मोडिफिकेशन कह सकते हैं कि यह नोटिफिकेशन है हमारे पुरातन समय कि हम छोड़ना नहीं चाहते हम सुनना चाहते इस बारे में हम देखना चाहते हैं कि अगर वह बुद्ध के बारे में अगर वह कहती और बुद्ध के बारे में लिखती या वह बाबा साहब अंबेडकर की फोटो लड़की बच्चे लगाते हैं रविवार ऑयल या फिर वह पूछ बारे में चर्चा करती तो उस अतिप्रसिद्ध करते उसको रोल नहीं करते लेकिन क्योंकि उसे हिंदू देवी-देवताओं का अपने आप को अपने विश्वास को उसने ओपनली दिखाने की चेष्टा की कि मैं यह भी हूं और मैं यह भी हूं यह मेरा मेरा बेस है सनातन मेरा बेस है यह उसमें दिखाने की कोशिश की पर इससे कुछ लोगों को तकलीफ हो गई है झाल तुझे याद रखिएगा जो जड़ों से पेड़ कट जाते हैं वो ज्यादा दिन टिक लगाइए कि आप अपने आपने सोच लीजिएगा कौन जड़ों से फटे हुए हैं अब एक व्यक्ति ने लिखा था कुछ तो सैनी करके कोई था उसने लिखा था कि आप अंधविश्वास फैला हम जागरूकता फैलाएंगे तो मैं बोल रही हूं आप लोग अंधविश्वास फैला जागरूकता तो हम इसे आप लोग लोगों की आंखों पर पट्टी बांध विरो धर्म के प्रति सत्य के प्रति और हम इसको मिटटी को हटा करके छोड़ेंगे लोगों की आंखों से दिमाग से सुबह से ही है तो यह अंधविश्वास नहीं आप लोग अंधविश्वास फैला रहे हैं कि आप खुद धंधे हैं आपको सबसे दिखता ही नहीं और आप ठहरे हैं आपको सबसे सुनाई नहीं देता आप खूनी हफ्ते बोला नहीं जाता है कि चांद विश्वासी आप लोग हैं हम लोग अपने धर्म में अंधविश्वास नहीं होता को है बस इतना ही मुझे कहना था अपने धर्म शास्त्रों का अध्ययन करें उसने आपको बहुत सारे आंसर सिलते हैं आप उसको साइंस के साथ रीड करके देख लीजिए मैं फिर से आपको साइंटिस्ट जो है उनके नाम बता देती हूं कि आप इनके वीडियो देखना शुरू करें यह साइंटिस्ट जो है जिन्होंने यह फीचर्स भी हैं और इन्होंने रिसर्च की हैं उन्होंने गॉड की खैर इसके ऊपर काम किया है आप इनको अवश्य सुने दोस्तों जूस लूटने डॉक्टर ने शुक्राणु आइंस्टाइन माइकल फैराडे डाल दो में आ यह जो चार हैं जिनके नाम में इनकी डॉक्युमेंट्रीज आप देखिए आपको बहुत सारे आंसर्स मिलेंगे बहुत-बहुत आभार जुड़ने के लिए हर हर महादेव जय भवानी जय भारत

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