अजय कुमार अवधेश राम राम [संगीत] कर दो कि टमाटर और उधर राम राम अवतारा कि हर हर महादेव शंभू डमरू धर रॉक हर हर महादेव शंभू डमरू धर रॉक रंग का या मस्तक चंद्र कला सिर्फ हंगामा मस्तक चंद्रकला शुभेंदु ने प्रति हजार हर हर महादेव शंभू पधारो धरा [संगीत] सृष्टि का धान तार जगतार हुं रिस्टिक आधा शुक्र जगतार हुं अभिशप्त दोनों आखिरी बार व्यवसाय तार हुं आदि शब्दों का या व्यवसाय तार हुं [संगीत] तु प्रलयंकर तुम्हें शंखवार करता हो हर हर महादेव शंभू डमरु धरा हर हर महादेव शंभू डमरू धर राम [संगीत] कर दो में निकाल के महाकाल धन जगत संचालकों को हम तालों के महाकाल जगत संचालक हो तुम तुम यह और विकराल रूप बाहुधारक हो तुम यार विकराल रूप बाहुधारक हो तुम तो [संगीत] कि तुम त्रिदेवों के जनक भोग कर्ता-धर्ता हो हर हर महादेव शंभू डमरू धरा हर हर महादेव शंभू डमरू द्रौण अ [संगीत] कर दो कर दो [संगीत] झाल
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