को 2015 का डाइट ओके लिमिटेड वांट टो डिसकस दैट इज दिस व्हाट इज दिस कि हर हर महादेव हमारे लाइव आर रहमान लाइव लाइव कि हर महादेव आप तो दिखाई भी नहीं दे रहा है हु इंवेंट वर्ल्ड शे शोल्ड नॉट डिसकस्ड इन थे [संगीत] कि हर हर महादेव कि थोड़ा रियल वाले मूड में हूं अ जो मेरे अपने उन्हें समझ जाएंगे जो नहीं है उनको समझाना भी मिल जाती लेकिन उन्हें डिस्कस समथिंग विद योर वॉइस कि जुड़ी ऐड भीम कि 3334 ईयर्स ई एम टेलिंग लौट आ के अनुसार लोग पूछते रहते हैं कि आप कि मैं लोगों से नहीं मिलती है मिलती में लोगों से थिस आईएस रियली वांट ए डिस्टेंस लेडी वन थिंग टुडे ओं कि अभिषेक है उससे अ ए पेनफुल स्टोरी ऑफ माय लाइफ इज कौन सी भावना थ्री डिफरेंट थे मून टुडे टिप्स थ्री डिफरेंट सैंक्शंड अमाउंट हुआ था इन दिनों मुझसे बहुत बार मीडिया ने पूछा कि मेरे मूट्स और इसको एक्सप्रेशन पर मत जाना प्लीज मेरा याद बिल्कुल डिफरेंट इस पर हूं मैं ललित थर्टी फोर ईयर्स एक बहुत बड़ा टाइम होता है यो यो हनी से टाइम हिल ब्लडी मैरी के समय टाइम सेट हो गया टाइम नहीं कर पाया है हुआ है यो यो यो बाघ ने सर्टिफिकेट इस क्रीम यह क्रीम करो तो आपको पागल घोषित कर देते नारी क्या पागल टाइप की औरत है यह पागल टाइप के इंसान हूं मैं पागल हूं कि कंसीडर्ड में पागल हूं ए ए बॉस क्रीम किराए हग अच्छी तरह फील बेटर इन स्टॉकिंग्स ह्यूमन ए बैटलफील्ड कि अश्लील बेटा वैन ह अट्री और कुत्ता है और एमपी बोर्ड हुआ है हुआ है है और बबलू कुमार बहनचोद निकल जाए यहां से सलाह सूअर की औलाद अभी मेरे दिमाग में अड़ंगा मत तुम जैसे कोई भी लोग हुआ है हां तेरी मां से कराकर जो कि सच्ची भक्ति सूअर की औलाद है और सुनाओ मैं तेरे जैसी कुछ हर आदमी लोग से जो मेरे पीछे पड़े थे बचपन में में रैप करने के हरामजादे तेरे जैसी कुछ तेरी जैसी मेंटेलिटी के हर आदमी कुछ लोग थे को बेचना चाहते थे मुझे चीलों की फैन के तक तुम लोग साले तुम जैसे हरामी पैदा होता है संसार में और कई महिलाओं के दिमाग से बूढ़े होने तक भी वह सकते निकलती नहीं है कि टफ ओं साले रेपिस्ट दिमाग वाले यह साईट के फैंस को तुम जैसों ने पहले तो शायद मेरी आत्मा शान तो में बहुत सारे ऐसे इंसीडेंट्स है जो अंदर लेकर बैठे हों तो सोच क्यों कभी-कभी डिस्कस कर लो लिख डू समथिंग और अचानक मेरा बचपन में मां को मरते हुए देखा था आपके सामने सामने ओ मेरी मां मेरे आंखों के सामने में कितने साल की थी 11 साल की थी यार अभी नई साड़ी 10 साल की थी है तो उस दिन मेरे घर पर आ कि जिस गंदगी ने दस्तक दी थी जो गंदगी मेरे घर पर आ गई थी और बबलू कुमार मैं चाहती हूं तेरे घर में मौत पर मौत हो मरे जैसे मेरे घर में हुआ ना जिस चीज के लिए तरफ को पता नहीं आ तेरे घर में कुत्ते की मौत मारे सब और मरेंगे कि तुम लिखे यहां पर हराम के जने तु लिखता जा तेरे घर में भी मत उत्तरकांड एंबेसी करेगी सूअर की टट्टी में से पैदा हुआ कि डा मैं तुम्हारी मां को मैंने अपने आस आपके सामने उज्जैन तड़पते देखा था हुआ है जो हेयर खाती थी वह और उसको यहां पर घुटन हो रही थी शायद हुआ है कि मेरी छोटी बहन की साढ़े 5 साल की उसके पास लेटी हुई थी सत्य से ही बात करें मैं सत्य सी 80 और अभी हम जी रहे हैं 2021 में अ हुआ है आज मेरे घर पर कौन आया था बरखा अ मैं अपनी एक सहेली के साथ को परखा माथुर कि अनुराधा शर्मा नाम की लड़की के साथ दो नशा थी मेरी पिताजी कि अ कि उसके साथ आई थी वह बड़ी लपक झपक कपड़े पहन के लिपस्टिक गाड़ी लिपस्टिक लाल रंग की लगा के कान में लंबी बालियां पहन रखी थी हरे रंग का ऊपर करता था लाल रंग की सलवार चटक एकदम अ है और मोजड़ियां राजस्थान की हाथों में खूब सारी चूड़ियां कि खुले हुए बाल साइड में लेफ्ट के रखे हुए मैं स्वयं से कम रेखा से कम नहीं समझती थी वह स्वयं को बर्खास्त ओ मेरी मां कि चाय बना रही थी बेचारी वह सीधी सिंपल सी फोटो पोस्ट करूंगा और बरखा की फोटो तो आप लोग देख चुके और थोड़े दिन पहले पिताजी के साथ शेयर की थी अ कि वह बरखा और मेरी मां एकदम सिंपल सीधा रहने वाली जो लिपस्टिक लगाना भी नहीं जानती थी नेल पेंट लगाना भी नहीं जानती थी कि वह चाय बना कर दे रही थी नाश्ता बना कर दे रही थी क्योंकि बरखा आई थी घर पर कि महारानी आई थी घर पे हुआ था मेरे पिताजी को माइग्रेन है लुट तुम गाड़ी में बैठे थे आराम से मेरी माताजी पकोड़े बना करके चाय बनाकर के बरखा को खिलाइए बाद में विचार मेरी मां सैंपल कपड़ों में जैसे वह रहती थी उसके दो बच्चे भी देखना है स्कूल भी देखती थी प्रिंसिपल थी इस सर्वे पर भी जाना होता था घर का काम भी देखना होता था मैं भी आकर थोड़ी देर के लिए बैठ गई थी हुआ था उस दिन रविवार था अ [संगीत] कि जब मेरी मां के बैठो मेरे पिताजी ने कहा कि तेरे को बरखा की तरह तैयार होना 4 कि यह उन कुछ मर्दो के लिए तय एक बात बोल रहे हैं और उन महिलाओं के लिए एक लहसुन इस कहानी ने है जो मेरे जीवन की सत्यता है कि कुछ हरामी टाइम के मर्द होते हैं जो हैं जो अपनी औरतों के सामने दूसरी औरतों की तारीफ करने को बहुत छुपते नहीं है दूसरी ओर थे इनको हमेशा हलवा दिखती हैं और अपनी औरत अंक हमेशा घटक दिखती है कि ऐसे कुछ के लोगों के लिए लहसुन है कि बरखा के पास आकर मुझे मेरी मां बैठी तो मेरे पिताजी ने सूरत तेरे को भी ऐसे तैयार होना चाहिए गीता है इधर कितने अच्छे से रहती है तू कैसे रहती है ओ मेरी मां से उठकर अपने आंसू दबा करके आप में चली गई माइल किया उसने लेकिन आपने उसके आंसुओं से चली गई वास ए [संगीत] कि बरखा कितनी पंगु कि इशूज को रिक्शा पूजा पैडल रिक्शाओं तथा उसको वह भी बुलाकर सही होता था और मेरे को जाना पड़ता था उसके लिए रिक्शा लाने के लिए और 10 मिनट लगते थे पैदल चलकर जाने के लिए रिक्शा लेकर आने के लिए है क्योंकि वह महारानी पैदल बहुत मेन रोड तक नहीं जाएंगे तो उसके लिए रिक्शा लेकर आती थी है उसका जाने का टाइम हुआ साथ सवा 6 7 बजे के करीब गई कि मेरी मां और मेरी छोटी बहन स्थिति घर की ओर कि दादी ने मुझे का मीनू जरा करो और मां से पूछ है क्या खाने के लिए हम इसे पूछ है क्या खाने के ऊपर छत पर आ कि मेरी मां ने मुझे मेरी मां बहुत दोस्त गुंजन मुझे मैं मैं दुनिया भी मामले में शहर बेवकूफ व मैं तेज होती तो शायद मेरी मां उस दिन मैं अपने आपको संभाल पाती मैं बेवकूफ की दुनिया भी मालूम है ए न्यू पर गई मेरी मां ने मुझे मैंने पूछा मम्मी कुछ है खाने के लिए दिल्ली को भूख लगी है या कुछ और माचिस से यह पड़ेगा और में बताया खाना उधर रखा है और माचिस उधर रखी है दाढ़ी सिगरेट नहीं थे तो सिगरेट के साथ उनको माचिस से ठीक है ठीक है मेरी मां ने एक बर पुरि मुझे कि आज मैं जरूर मर जाऊंगी है अब मैं नहीं रहूंगी मैं आप मुझे नहीं समझ में आया कष्ट मुझे समझ में आ गया होता है उससे अ अजय को है तो मैं इतनी डिस्टर्ब नहीं होती आज लेकिन हो जाती हूं कि फालतू लिखने वालों से भी अ है और वैसे भी अ कि मुझे वह समझ नहीं है उसकी बात और मैं नीचे आ गई सकते हैं ई-मेल आईडी बहुत ही बोला मम्मी ऐसा बोल दिया हुआ है है इसलिए बोला गुस्से में बोलती रहती हो है लेकिन उस दिन है मेरी मां को बहुत गहरी तकलीफ हुई थी इस पिताजी ने कंपैरीजन कर दिया था है और 17 बजे के करीब की बात है उसके बाद उन दिनों अक्टूबर में बहुत ठंड पढ़ा करती थी कि 9:00 बजे के करीब शहद सब लोग सो भी जाते थे आप सो गए हम भी मैं पिताजी के साथ सोती थी मेरी बहन मां के साथ सोती थी दूसरे कमरे में हूं [संगीत] कि हो पता नहीं था कि वह बहुत वह दिन मेरी जिंदगी में मैं एक बहुत बड़ा शून्य लेकर आने वाला था हुआ है कि बरखा तो चली गई बर्बादी छोड़ गए पीछे वह अपनी एक उस औरत की वृद्धि कितना कुछ बर्बाद हुआ हुआ था कि वह गिनेगा भी तो खा लिया मैंने तो खा लिया है अपनी लाइफ में उसकी वजह से कितनी बर्बादी हुई है हुआ है कि मेरी मां ने जहर खा लिया में पारा होता है जो पहली बार मेरी मां बड़ी खुश होकर के गेहूं आई थी घर में कि उसका ड्रम भरा हुआ था उसमें डालने वाली पानी की जो गोलियां थी जिससे पानी की दुनिया बनाई जाती हैं ताकि गेहूं को चढ़ाना लगे हैं कि मेरी मां ने वह पूरा रख लिया मेरे पिताजी ने 10:45 की बात है यह मुझे 10:30 10:45 उठाया कि उठ तेरी मां ने जहर खा लिया कि तुम मुझे लगा कि मैं सिर्फ मेरे दिमाग में सुन रही हूं या कोई मूवी चित्र सीन चल रहा है मेरे साथ जुड़ झकझोर हटाए उठाया मुझे रिमोट के कमरे में भाग्य मां के मेरी मां उल्टियां करो रखिए और अपने गुरु का नाम ले रही थी MP3 फटाफट हॉस्पिटल की तरफ भागे वोट किसी डॉक्टर को लेने के लिए उनका में डॉक्टर मित्तल को लेकर आता हूं अलवर में आज बहुत बड़ा नाम है अंकुर का डॉक्टर ऐसी मित्तल हुआ है मेरे पिताजी उनको लेने के लिए मै मां के पास गई थी ए मां उलटी सुल्टी किए जा रही थी मैंने उनसे पूछा आपने क्या आमिर छोटी बहन सोई हुई उनके पास उसको कोई होश नहीं था वह नींद में थी कि मेरी मां ने अपने गुरु की तस्वीर सामने रखी हुई थी टेबल पर कि अब उल्टियां कर रही थी लेटी हुई थी पेट के बल जमीन पर उल्टी करती थी और इसी अपने गुरु का नाम ले रही थी मैंने उनको पूछा आपने क्या खाया है कुछ बोल नहीं पाई चूर्ण चूर्ण बोल रहे थे चूर्ण या चूहे मारने की दवा पता ने मुझे समिति कि मुझे चूर्ण सुनाए वह बोल नहीं पा रही थी अ कि उन्होंने मुझे धक्का देकर बोला कि जा यहां से है इसका मर गया तो मैं उस रूम में चली गई जबकि दूसरे रूम में इसमें मैं अब मैं पिताजी का वेट कर रही थी तो आए कि अजय डॉक्टर ऐसी मित्तल जो है सुरेश चंद्र मित्तल के अंदर गए मम्मी के रूम में देखने के लिए तो मम्मी ने पॉजिटिव कर दिया था और पूरा उलटी उलटी और वह बेहोशी में थी ऑलमोस्ट हो चुकी थी जब देखी तो बोले कि उनका बचना मुश्किल है कर दो ही नहीं US इंवॉल्वेस कि मैं देख रही हूं जब है कि मेरे सामने क्या-क्या हो रहा है समझ में कुछ नहीं आ रहा कोई फीलिंग नहीं है कोई मोटर्स ने कुछ समझ आना बस मैं पिक्चर की तरह होते हुए देख रही है एड्रेस में के सामने टिक शब्द चल रही है अजय को को उठाकर के कि उस समय पर अब हैप्पी स्कूल की प्रिंसिपल थी कमला अपना आशा शर्मा जी कि वह अ कि पापा ने उनको बुलाया हैं उनको लेकर आए फिल्म को लेकर आना पड़ा और किसी रात के बहुत समय तक तो सब बंद हो जाता था अलवर 87वें अलवर छोटा सा बिल्कुल छोटा सा साबुन जैसा था है तो उनका नाथ शर्मा जी शर्मा जी के हस्बैंड और आंटी अशांति जो प्रिंसिपल थी हैप्पी स्कूल की कि वह रात को आए और कि उन्होंने मिलकर के मम्मी और और उस समय पर समय पर सुविधा नहीं थी अब बहुत टीचर्स के परिवार से ही रिक्शा पर बिठाया हाथ-पैर वृक्ष होता है को दूर हो गई थी हमें मतलब उसी समय उन्होंने डॉक्टर ने हम साइन दे दिया था कि नहीं बचेंगी कि कैसे करके विकसित थोड़ी सी हैवी शरीर में ऐसे करके उनको रिक्शा पर इन लोगों में बिठाया ओंकार अंकल हैं हम को अपने घर ले गए कि पास में उनका घर था वह में अपने घर लेकर कि आंटी आंटी डैडी और मम्मी एक रिक्शा में बैठकर हॉस्पिटल प्राइवेट हॉस्पिटल में नहीं होते थे गवर्नमेंट हॉस्पिटल था वहां लेकर गए है और हम लोग बच्चे जो है मैं और मेरी छोटी बहन उठकर बट उससे पहले और आसान ट्रिक को एक लेटर मिला जो टेप उस पर रखा हुआ था और इसके ऊपर रखा और है को उलट और जो है उसमें अ का मतलब शायद मेरी मां को जब मैं बहुत स्ट्रॉन्ग तो उन्होंने लेटर लिखा था अपनी मां अपने माता-पिता को कि मेरे पति का कोई दोष नहीं है और पेंसिल से लिखा था वह लेटर का पेन से लिख वाली कॉपी के पेज को पढ़कर हैं और पेंसिल से मेरी मां ने लेटर लिखता है और सुनाओ कि उस लेटर में इन सब का जिक्र था कि मेरा कोई जिक्र नहीं था फ्लैश लाइट्स की मिर्च मटर ही नहीं करती हो अजय को कि मेरी बहन के लिखा था छोटी बहन के लिए मेरे पिताजी के लिखा था उनके माता-पिता भाई-बहन सबके लिए था कि चाैधुर्य मुझे मेरे लिए कुछ नहीं लिखा है हुआ है कि वहां से हम लोग गैरंटी ने लैटर पड़ा परसेंटेज और हम लोग उनके घर चले गए हुआ है आज रात के ढाई बजे वह कि उन्होंने शरीर छोड़ दिया कि आरटीआइ डाकुओं ने मैं जाग रही थी मुझको नींद नहीं आई थी कि आज मीटिंग कि जब वहीं बच्चों को उठाना मत को बताना मत लेकिन ऐसा नहीं है 15 16 पूरी वगैरह करके शायद पिताजी सुबह आए वह मोबाइल थीम के पास गुरु नाथ कि मैं और मेरी बहन छुट्टियों पर घर के बाहर आ शांति के बाहर घर की सीढ़ियां जो थी उनके घर की उस पर वेट कर रहे थे उनके लिए कल सुबह 7:00 बजे के करीब साढे छह 7:00 वह आए जो तुम रोते हुए मोपेड पर रो रहे थे उनको मैं यहां पर भी दिखा यूज करेंगे तो में आए और मुझे मैं इससे चुकी थी मतलब इंसेंटिव कुछ समझ में नहीं आ रहा था मुझे लगा मेरी सब कुछ काम नहीं कर रहा था हुआ था है और लुट में आने के बाद हम ऐसे वीडियो किया था हमारे साथ जिसे यह विचार हुए हम लोग हालात विचारे [संगीत] में मतलब कि बेचारे बन गए थे एक सेकेंड में जो प्रिंस की तरह मेरी मां ने कभी मिल से कुछ बर्तन नहीं बुलाया कभी वह सिर्फ फोकस करती थी कि मैं पढ़ाई करूं और कि पढ़ाई पर ध्यान दूं और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज है यह म्यूजिक में ध्यान दूं उन्होंने मुझे कभी यह बर्तन को हाथ लगाने नहीं दिया कि मेरी उम्र की लड़कियां सब उस समय पर राजस्थान में दशक घर के सब काम निपटा लेती थी मुझे कुछ भी नहीं आता था अ कि वहां से पता चला कि मां जो है रात को पिताजी को लास्ट वर्ड उन्हें यही बोले थे कि मेरी बच्चियों को कुछ बनाना उनकी लाइफ बेस्ड मत करना मेरे से गलती हो गई वेकेशन की सब इंटेस्टाइंस जो है वह अंदर से कट गए थे पावर आफ इतना ज्यादा था बॉडी के अंदर उनके की सब काट दिया था उसने और उनको बहुत तकलीफ हो रही थी वह ऑक्सीजन का जो उनको पाइप लगा रहे थे वह भी बाहर निकाल देती थी वह निकाल मतलब रख नहीं पा रही थी और उसके बाद में हम लोग बातें कुछ है यहां से हम को नाश्ता वास्ता दिया गया घर गए वहां से घर पास में है आ गए है तो वहां पर बहुत सारे लोगों को देखा कलावती के सब लोग वहां इकट्ठा थे क्यों मम्मी के स्कूल के जो मम्मी के स्कूल में बच्चे आते हैं पढ़ने उनके पैरेंट्स और बहुत सारा भीड़ थी अ ई एग्री अव्वल लुकिंग अप लेकिन अगर आप है अरे बच्चों का क्या हो मैं अटल यह विचार एवं मुझे रोना नहीं आ रहा था उस टाइम पर अब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कि मुझे मेरा ब्रेन बिल्कुल मुफ्त ऑनलाइन हो गया था एंड स्टील शेयर यह जो भी मिल रही है इसको रोकना नहीं आ रहा है इसको रूस अब मुझे समझ ही नहीं आ रहा है माय सिस्टर वास लाइक मेरे को पकड़कर ही वह मेरे साथ चल रही थी कि उसे भी खूब बहुत छोटी थी अ और फिर उसके बाद में आ हुआ है में काफी लेट तो और मम्मी की बॉडी आई घर पर जैसलमेर पिताजी के साथ सोती थी वहां पर उस बॉडी को रखा गया कि मुझे उस कि कुछ लाने के लिए बोला कि तुम सब ने बोला रे नहीं इसको उस कमरे में मत जाने दो कि डेड बॉडी पड़ी है कि मैं तुझमें मुझमें कुछ कमियां आ गई मां को देखा मैंने उसको यहां से लेकर नीचे तक पूरा बुरी की तरह खिला हुआ था उस मामले से बब्बर खत्म हो गई उसके बाद बुरी जैसा सिल दिया था उसको आज शाम को उनको लेकर गए है कि संध्या से पहले देना होता है शरीर को हैं उनको लेकर गए के सामने रोते हुए देख रही थी मैं सब मेरे सामने यह सब चीजें हो रही थी कि अजय को हैं दो दिन के बाद में पिताजी को लेकर जेल हैं क्योंकि उसी शाम को जिस दिन हमारी मां को दाल दिया गया हमारे ननिहाल से लोग आए हैं और बहुत उधम मचाया कि पापा के ऊपर दहेज का आरोप लगाया बहुत कुछ बहुत कुछ हुआ पत्थर मारे गए हमारे घर के ऊपर हमें पागलों की जैसी छोटी सी एक छोटा बच्चा यह सब देख रहा है जिसे थोड़ी समझ है थोड़ी न पूरी समझ नहीं है है जिसकी मेमोरी में यह हमेशा कलर शुरू हो गई चीज है कि हर पत्थर मारे गए और यह कहा कि इन बच्चों को भी उसके साथ ही जला दो अजय को कि मेरे दादाजी के स्तर पर पत्थर लगा जोर से उनके लिए सबसे बड़ी मिनिट्स ई ई है अरे अरे उधर से उन लोगों ने हाल वालों ने आकर कि इतना बखेड़ा खड़ा किया वहां पर कुछ अच्छा नहीं हमको दही देखा हमारे से कोई लेना-देना नहीं उनको जैसे बखेड़ा भी खड़ा करने के लिए वहां आए थे वह लोग अ हुआ है कि हमारी दादाजी को लगा अ जो मेरे आइडियल मेरी मेरी दादी और मेरे दादा उनको मैं देख रहा हूं कि यहां पर जोर से पत्थर लगा वह बच्चों को बचा के अंदर ले गए थे कि इनको कुछ ना हो रहा है कि यह जो आए हैं सामने इनको भी सेंस नहीं है शादी अपनी संक्षिप्त में नहीं है में बहुत हंगामा किया उन लोगों ने कि आखिर की के कांच टूट गए हम लोगों ने दरवाजा नहीं खोला हम लोग सब अंदर बैठे रहे शुभेच्छा हैं अगले दिन पुलिस वाले आपके पिताजी को ले गए जेल में बंद कर दिया कि दादरी का पेस्ट डाल दिया गया हुआ था लुट कि हमें मेरे को दूध लेने के लिए भेजा गया कि ताकि बच्चे ना देखें कि पुलिस वाले हैं ऐसे लेकर जाएं तो कर दो और हर संडे को जाती थी मैं पिताजी को दादी के साथ पापा को उनकी सिगरेट को खाना देने के लिए अलवर की जेल में है को सलाखों के पीछे अपने आप को खड़े हुए देखती थी जिसमें कुछ नहीं किया था उसके ऊपर लगा यह थी उस दिन उसकी गलती मेरे पिता की गलती यही उनकी सबसे बड़ी मिस्टेक है कि चिकित्सक स्वार्थों पिताजी को अपने हैं दूसरी तरफ खड़े हुए देखती थी वह मुझे देखकर और थे कि बच्चों को यह सब देखना पड़ रहा है अपने पति 5days बिहाइंड द बॉडीज बट उन्होंने बहुत अच्छे कर्म किए थे तो उन्हें बहुत समझाया था उनके शिष्य थे उनमें से किसी के भी लड़ रहे थे और अब मुझे अब इतना डिस्कशन ओं थे मुझे नहीं पता था कि अ मैं सिर्फ थे पॉजिटिव साइड इसके बाद वह आ गए कि किस सु कुछ जॉब से सस्पेंड कर दिया गया है तो जो मां का घर था को बेचना पड़ा था हैं और किसी दूसरी जगह केस लड़ने के लिए फोन कहां से तांबे पीतल के बर्तन ज्वेलरी ये सब बिक गई थी कि आप यहां पर मैं एक निशान है बचपन में लोटे से शिवालय में बहुत छोटी सी मुझे कुछ समझ में नहीं आ कि चार-पांच साल की रही होगी तब शिवाले में लोटे से जल चढ़ा रही थी और घर पर आकर लेट के पिताजी को एक्सप्लेन भी कर रही थी तो वह भारी तांबे का लोटा मेरी नाक 53 पीपल का लोटा मिलने पर गिर गया था जिससे यहां युद्ध खत्म हो गया था खून आ गया था काफी तो वह लोटा भी मैंने देखते हुए देखा है कि फेस हिम्मत नहीं हारनी अपने पिताजी से सी है यह वहां से आया हिम्मत नहीं हारना कभी भी लाइफ में में कि हम लोग दूसरी जगह शिफ्ट होने से पहले खत लिखने से पहले ही मेरे दादा जी का पहला गम लगा मेरी मम्मी के जाने का के घर में एक बड़ा हादसा हो गया इतना रैपिड फैमिली जिसके अंदर यह बड़ा हादसा हुआ और उसके बाद ए डायरी का केस पिताजी को झेल जाते हुए देखना दादाजी के ऊपर पत्थर मारना यह उनको इतना अंदर तक लग गया कि मार्च में अक्टूबर में माताजी गई मार्च में हमारे दादाजी चले गए इस सदमे से अ और उसके बाद हम लोग यहां से शिफ्ट हो गए दूसरी जगह चले गए सैनी मोहल्ला में चलेंगे इस क्रीम तेल में रहते थे वहां से सैनी मोहल्ला छोटे घर में चले गए थे कि वहां पर आई बरखा 3 साल बाद अ की कमी है कि वह घर में आई की बर्बादी लेकर आ कि उसका पैर पड़ा और सब खत्म हो गया अजय को कि एक हफ्ते बाद मुझे बाहर फेंक दिया गया है कि प्रॉपर्टीज पापा ने मेरे नाम पर की थी मेरी बहन के नाम पर की थी की जमीन मेरे नाम पर और बेटी बहन के नाम पर है तो मेरा निकलना मेरे को तो भगा आना स्वभाविक जा उ कि बहुत सारी चीजें चली गई कि फाइनली ने 1999 पिताजी भी चले गए गम से अटैक पैक टू बैक तीन हार्ट अटैक हुए 24 घंटे के अंतराल में मेरा डिवाइस कौन उनके रूम में दादी चली गई कि डेढ़-दो साल बाद ई ई [संगीत] कि यह गया नहीं मेरे इंप्रेशन दिमाग से लेकर नहीं है मोशन दोस्तों विडियो चुके थे इंप्रेशन रह गए है इसीलिए जब कोई पुरुष या ए स्पेसिफिक किसी स्त्री के साथ में और अत्याचार करने की कोशिश करता है तो मुझे यह पहनकर क्रोध आता है को हैंग कर क्रोध आता है मैं दुनिया से विश्वास उठ गया लोगों से विश्वास उठ गया कि मैं जब मेरी सहेलियां स्कूल में और ज्वेलरी की बात करती थी उनके घर में क्या नया इसकी बात करती थी यह पैसों से रिलेटेड बात करती थी उस समय कुत्ते को लग गया है इसकी बात करती थी पेड़ के ऊपर पंछी बैठे हैं इसकी बात करती थी यह पेड़ दिखने में सुंदर है इसकी बात करती थी अ कि मुझे और ज्वेलरी समझ में नहीं आती थी पैसे समझ में नहीं आते थे इस पेड़ समझ में आते थे तो इस कुत्ते को तकलीफ होती थी वह समझ में आता था जानवर को तकलीफ होती थी वह समझ में आता था फोन पर उनकी बात है मेरे को समझ नहीं आती थी इसलिए आई वांट वन पर्सन मुझे अपने सर्कल से लोग दूर रखते थे ए मुख काम में बात करते कि मुझे समझ नहीं आता कि कार में बात कैसे करते हैं कान में कौन सी बात होती है सी है है तो कि मुझे लगा मैं शायद दुनिया में या तो पीस अपशिष्टों और मुझे यहां पर लगता था कि मैं शायद को पढ़ाने समझ नहीं आता था आज भी नहीं आता अजय को हैं बट मैं अब सी मुझे बरखा ने कष्ट दिए उसकी वजह समर्थक हुआ कि वह मे को याद भी नहीं आता मी कष्ट दिया था मेरी मां ने जहर खाया था उसकी वजह से उस रात को घर में हुआ कि वह मुझे एडिट्स दिमाग में इंप्रेशन है वह डेबिट इस मेरे दिमाग में घूम जाते हैं हुआ है कि मैंने बहुत कोशिश की सचिन था तो ही फील्ड में अलॉट किससे डिस्कस करती थी तो सुनता था फिर वह बोलता था डोंट वरी आनंद ले ले है तू शैल हुई थी सिचुएशन बट वह भी कई लोगों को रास नहीं आई थी कि कुदरत को रास नहीं आई थी को पता नहीं है कि ऐसी बहुत सी कहानियां हैं कि हर किसी के जीवन है कि हर किसी को पता नहीं क्या तकलीफ है और किसकी लाइफ कौन समझ नहीं सकते हैं है इसलिए बेहतर है कि हम किसी योजना करें कि वह तकलीफ से वह व्यक्ति उतर आए हम नहीं उतरे हैं है इसीलिए हमें समझ नहीं आती हम मजाक उड़ाते हैं दूसरे की तकलीफ का मजाक उड़ाते हैं हुआ है कर दो कि यह चंद शब्दों में बातें हैं जो शायद 20 मिनट 25 मिनट 40 मिनट लेकिन लाइफ 40 मिनट में खत्म नहीं होती है कि थर्टी फोर ईयर्स मैं तुम्हारी लाइफ के पीरियड की अभी तक के जिसमें मेरी मां के जाने के बाद जब स्ट्रगल क्या रहा है वह मुझे ही पता है कि भूख किसे कहते हैं मुझे समझ में आता है इसीलिए मुझे पंछियों की भूख समझ में आती है इसीलिए मुझे इंसानों की भूख समझ में जरूर आती है वहां जहां इसीलिए वह एक क्योंकि मैं खुद उसको छील मैंने चला है तो मुझे पता है कि मैंने तंत्र की मार भी ली है इसलिए मुझे भगवान ने तंत्र में डाल दिया मेरा ऐसा लिखा हुआ था कि इसी वजह से मुझे तंत्र में आना होगा मैं इसमें आई थी [संगीत] है लेकिन कि मेरी तकलीफ में माफ कर सकती हंसाराम आपस में माफ कर सकते हो मेरी मां का कर्ज माफ नहीं कर सकते कि जाने के बाद मुझे सपने में अलग-अलग जगहों जैसे कि आत्मा को मुक्ति नहीं है कि मेरे पिताजी की डेथ के बाद दो कि दोनों आए साथ में सपने में मकान के पेपर देखे गए तब मेरा मुंबई के घर बने और उसके बाद मेरी मां सपने में नहीं आई [संगीत] हुआ था [संगीत] शो मोर में बहुत सारे पन्ने होते हैं लाइफ की जो किताब होती है ना इसमें बहुत पन्ने होते हैं और बहुत अलग-अलग चैप्टर सोते हैं अजय को हैं किताबें पढ़ना आसान ए तारों को समझना मुश्किल है अजय को है तो हां कभी-कभी शायद मेरा रिएक्शन गार्डन रिएक्शन स्क्रीन्सवेर अपना पास है कि हर व्यक्ति का होता है ए मीडियोक्रे केस में मेरे पास महल नहीं कर पाई मैं बहुत लोगों को ही लड़कियां बहुत सिचुएशंस को हील किया पर मेरा खुद का पास फील नहीं हुआ आज तक है कि दांत दर्द बिल्कुल वैसी चीज सामने आ जाती है जो फिर से वह पूरी चीज को ताजा कर दिया है अजय को कि फैसला भगवान के नाम का सहारा हमेशा साथ में रहा और इसी वजह से इतनी स्ट्रॉन्ग रहिए क्योंकि मुझे एक उस परम शक्ति पर हमेशा विश्वास रहा वह संस्कार मेरी दादी के थे और मैं उन्हें बहुत धन्यवाद देती हूं यूनिवर्स को धन्यवाद देती हूं कि मुझे कैसे घर में पैदा किया जहां से भक्ति भी मिली संगीत भी मिला शिक्षा भी मिली हैं और जीवन का मकसद भी में में कठिनाइयां हम सबके जीवन का अंग है गिव अप नहीं करना चाहिए तकलीफ होती है मैं ऐसी बात नहीं मैं तो नहीं दूसरी मेरे मन में कभी सुसाइड करने का विचार नहीं आया मैंने तीन चार पर अटेंप्ट करने की कोशिश की थी बहुत साल पहले की बात बता रहे हैं है तो कि भगवान ने बचाया था है कि भगवान चाहते थे कि मुझे कुछ और करना है जीवन में कुछ चीजों करनी है जो न देकर कि है जो कम होने देकर की भेजा था वह करना है है तो दूसरे सप्ताह के आगे हमें हमेशा रखना चाहिए क्योंकि आपको पता मुझे मुझे मेरे साथ ऐसी जगह पर मैं फांसी हूं जहां पर लोगों ने मुझे बेचने की कोशिश की रूम में बंद कर दिया और उसे बेचने ले जाना चाहते थे है पता नहीं कैसे अंदर बुलाया जाता था कोई रास्ता मिल जाता था और भगवान ही सामने आकर खड़े हो तब ऐसा होता है मानती हो मेरे केस में यह हुआ है तो जब हमारे अंदर सरेंडर की भावना होती है और मेरी मौसी ने जो बचपन में मुझे दीक्षा दी थी वह मंत्र में हमेशा जलती रही हूं किसी भी परिस्थिति में रही हूं किसी भी स्थान पर मुझे रहना पड़ा हो लेकिन मैक मैंने भगवान का नाम लेना बंद नहीं किया और उसी का बहुत बड़ा प्रभाव है कि मैं उसी का प्रभाव है नाम कहीं उस अश्व के नाम का पुष्प ईश्वरीय सत्ता का उसमें विश्वास का प्रभाव है कि मैं बहुत से ऐसे ऐसे स्थानों से निकली हूं जहां से अमूमन निकलना असंभव होता है मैं है आधे कि शायद फिर कभी कोई मौका मिलेगा तो शायद डिस्कस करूंगी आज बरखा कि कहीं मैंने आवाज सुन ली थी तो मेरा दिमाग खुल गया उसका आवाज़ सुनते ही कैसे लोगों को सजा नहीं मिलती है मेरी मां बेचारी आखिरी में उसका कोई दोष नहीं था दूसरी जहर खा कर मर गई इसलिए कि मेरे पिताजी खुश रहेंगे मेरे वह तलाक लेकर नहीं रहना चाहती थी मेरे पिताजी से अलग नहीं रहना चाहती कि उस समय पतला प्ले आप बहुत बुरा माना जाता था अशुभ माना जाता था यह तो मेरी मां को यह ट्रिक उठाना पड़ा तो मेरी आप सभी से अनुरोध है कि प्लीज अगर आपकी बेटियां डिवोर्स लेना चाहते हैं वह खुश नहीं है अपने घरों में तो प्लीज उनको सपोर्ट करें अगर वह आपके पास यह मत कहिए कि नहीं तेरा घर वही है तो वही मर वहीं पर जी नहीं मैं जीवन भर मां हां यही होती है अपने बच्चों के लिए तो अगर आपके बच्चों को आप की आवश्यकता हो तो हमेशा उनके लिए खड़े रहे कि दुनिया में सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम आपके खुद के अपने माता-पिता होते हैं ईश्वर के बाद में ईश्वर के बाद में मैं इश्वर के बाद आपके माता-पिता हे मैं इश्वर ही वह जो ऊपर की क्षमता है ना उससे बड़ा कोई भी नहीं है कि हमारे माता-पिता कौन बनेगी यह वही चिंता है कि इस सप्ताह से बड़ा कोई नहीं है उसके आगे झुकी ए गलतियां हम सभी करते हैं हमें लगता है हम नहीं करते फिर भी हमें माफी मांगनी चाहिए रोकना चाहिए माफी मांगनी चाहिए प्रार्थना करनी चाहिए कि यह कर मेरे जीवन का यह सत्य है कि मैंने कि मुझे ईश्वर के अलावा उस परमसत्ता के अलावा कोई समझ में नहीं आता कि तुझ मे बहुत बेवकूफ रही हूं दुनिया को समझने के मामले में है कि मैं मुझे क्योंकि मैं उसको सरेंडर करते हो मेरे को मैं अपने आप को ही नहीं संभाल पाती उस ने संभाला मुझे अ कि वह सब को संभालता है वहीं आपको और मुझे संभालता है हम और आप उसी से बने हैं उसी ने हमें बनाया है उसका धन्यवाद देना न भूलें और शिक्षा मांगना भी ना भूलें और कि हर हर महादेव जय भवानी कि जय भारत
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होलिका दहन की शुभकामनाएँ । होली का टोटका
हर हर महादेव आप सभी को होली का दहन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आज मध्य रात्रि में मुहूर्त है 12:30 बजे के बाद से तो पूजा जो है उसी समय की जाए...
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हर हर महादेव दीपू भक्षियाते ध्यान तम का जन्म भक्षाए नित्यम जयते रोशनी दिया प्रकाश जो है वह अंधकार को का जाता है पर फिर जब वह दिया अंधेरे...
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हर हर महादेव साधु संतो साध्वियों के प्रति बढ़ते जान वाले कुछ नियम जिनका हम सभी को पालनपुर करना चाहिए उनमें से कुछ मैं आपको अब यहां बता रह...
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