हर हर महादेव यह वीडियो स्पेशली फ के लिए है यही सेम वीडियो मैं अपलोड कर दूंगी टू पर भी और इंस्टा पर भी मध्यरात्रि में एक वीडियो डाला बहुत दिनों से बनाकर रखा था लेकिन मध्यरात्रि में डाला किसी कोई लेक्चर दे रहा था बहुत सोच विचार के मैंने वह डाला है भेद अभेद की दृष्टि की बात हो रही है कि गुरु भेद नहीं करता क्या गुरु शरीर होता है तो भैया अगर शरीर नहीं होता है तो तुम्हें गुरु की आवश्यकता स्त्री के रूप में क्यों है या पुरुष के रूप में क्यों है अगर भेद नहीं है तो भेद प्रकृति ने बनाया है भेद भगवान ने वह बनाया है पुरुष और स्त्री का ठीक है आत्मा का भेद नहीं है शरीर का है मानो या ना मानो और रही बात कि कल गुरु जो है वह इस तरह का मतलब इस तरह का भाव क्यों है गुरु का भाव नहीं है जो चेले चपा बनने आ जाते हैं ना यह उनके भाव बता रही हूं काफी एक मेल मेरे पास पड़े हैं पोस्ट नहीं करना चाहती क्योंकि इतनी अभद्रता से यनी लिंग इनके बारे में लिखा गया है ठीक है भैरवी साधना के नाम पे तो यह कुछ टट पूंजी सेक्सो साइकोपैथ्स जो हैं यह अपने आप को बहुत ज्यादा ज्ञानी तंत्र का मान करके और किसी महिला गुरु को ढूंढते हैं ठीक है टारगेट करते हैं अलग-अलग प्रोफाइल्स में जाकर के तो साधना के नाम पर तुम कुछ भी लिख कर के भेजोगे और तुम यह सोचोगे कि तुम्हारी बुद्धि का पता नहीं चल रहा तुम उन्हीं बलात्कारियों में से हो जो लड़कियों को ढूंढकर बलात्कार कर देते हैं ठीक है तुम में और एक बलात्कारी में तुम जैसी बुद्धि वालों के और एक बलात्कारी में ज्यादा फर्क नहीं है इसीलिए इसको ध्यान में रखते हुए और कलयुगी बुद्धि को ध्यान में रखते हुए मैंने वो पोस्ट डाली है महिला साधं को भी ध्यान रखना चाहिए और पुरुष साधुओं भी ध्यान रखना चाहिए हां जिसमें वाकई मां का भाव हो पहले परीक्षा तो हो कि मां का भाव भी है या नहीं मां बोलने वाला तो शिवम शुक्ला भी आया था एक साल पहले गंदी दृष्टि रखने वाला ऐसे मां बोलने वाले बहुत आते हैं जो सिर्फ मां बोलते हैं लेकिन मांस पर दृष्टि होती है आपके उभार कैसे हैं आप दिखने में कैसी हो आपके होठ कैसे हैं आंखें कैसी हैं आपकी वाणी में कैसा वो है इस पर ध्यान रहता है कड़वी लग रही होगी बात सुनने में चुप रही होगी बहुत लोगों को सत्य यही है समझ में आ जाए बहुत अच्छी बात है नहीं आए तो उस दिन का वेट करो जिस दिन समझ में आ जाएगा और पुलिस में कंप्लेंट करने भागते फिरो तब कोई अभी ज्ञान दे रहा था इा पर भी कि गुरु होने पर क्या पुरुष और स्त्री का भेद रह जाता है तो फिर हम भेद और अभी यहां पर भी किसी ने ज्ञान भेद और अभेद जो बात करे जो भेद की बात करें शरीर में तो वो तो ऊपर उठा ही नहीं हमें ऐसा ऊपर उठने की आवश्यकता भी नहीं है उस लालसा से इस मार्ग पर नहीं आए क्योंकि वह उठाना किसी तुम जैसे किसी पुरुष या स्त्री का काम नहीं है ठीक है ना ही मेरे माता-पिता का कर्म है वह मेरा कर्म है और वह भगवान का कर्म है भगवान की मुझ पर कृपा होगी जिनकी दृश क्या जिनकी कृपा पंगु गिरी लंगे अंधे को सब कुछ द तो ईश्वर की कृपा से होता है यह अजामिल को तार दिया उन्होंने ईश्वरीय कृपा से होता है तुम जैसे लोगों की हमारे बारे में राय कि हम भेद ना रखें हमारी दृष्टि अगर ऐसी नहीं होगी तो हम कैसे मोक्ष प्राप्त करेंगे तो तुम्हारे लेक्चर नहीं चाहिए क्योंकि तुमसे ज्यादा लेक्चर हम पार करके इस मार्ग पर आगे बढ़े हैं ठीक है तो क्या है जो पुरुष यहां लिख खते हैं चेला बनना चाहता हूं चरण दास बनना चाहता हूं आपके चरणों में रहना चाहता हूं आपके चरणों की सेवा करना चाहता हूं इनकी लार कुत्ते के जैसी टपक रही होती है सो बी केयरफुल इनको कोई भक्ति मार्ग से लेना देना नहीं ऐसे लोगों को यह सिर्फ आपके यहां घुसते हैं आंखें गड़ा के लिए आंखें सेकने के लिए सत्य है अगर समझ जाओ तो बहुत अच्छी बात है यह मेरे साथ नहीं बहुत सी आदमियों के साथ होता होगा वो बोलती नहीं होंगी अब मेरे को तो मुंह फटका व लगा ही हुआ है ना टैग तो बोलू मैं क्यों ना बोलू मैं मुंह फट भी हूं और हाथ फट भी हूं तो ठीक है ऐसे चेले चपा बनाने की जरूरत ही क्या है तुम्हारी सेवा करने के लिए क्यों खुद के हाथ पैर नहीं है खुद के हाथ पैर से कर लो सेवा पहले भाव चेक करो क्योंकि तुम एक गलती करोगे चेले चपा बनाने के चक्कर में भुगतना बहुतों को पड़ता है बहुत से साधु साधं को भुगतना पड़ता है एक साधु गलत करता है पूरे साधु समाज पर दाग लग जाता है तो इसके लिए यहां ज्ञान ना बखारी हमें तुमसे से ज्यादा ज्ञान है ठीक है और वह लोग लिखते हैं अगर उनको डांट के डपट के बोल दो कि पुरुष अखाड़ों में पुरुष अखाड़ों में क्यों नहीं सेवा करना चाहते पुरुष आंखें सेकने नहीं मिलेंगी काम करना पड़ेगा दृष्टि तुम्हारी गंदी है क्या करोगे वहां पर यही तुम्हारा सत्य है किसी ने लिखा था स्त्री पतिव्रता हो तो फिर गुरु की आवश्यकता ही नहीं है जो पुरुष अक्सर मुंह बाहर मारते हैं ना वही पतिव्रता स्त्री ढूंढते हैं कड़वा सच है पतिव्रता स्त्री उसी को चाहिए जो खुद मुंह मा बार रहा होता है क्या है कि पुरुषों को जाना चाहिए पुरुष अखाड़े में हां साबूदाना खा रही हूं मैं सुबह दवाई खानी है तो पुरुषों को जाना चाहिए पुरुषों को चेला बनने का शौक है सेवा करो गुरुओं की जाकर के इनको चार दिन सेवा करा लो तो बोलते हमें नौकर बना के रख लिया हम किसी के नौकर थोड़ी बनने गए थे वो भी मेल है मेरे पास सीखने गए थे नौकर थोड़ी बनने गए अब तुम्हारा यह भाव है भैया तो जिंदगी में नहीं किसी भी जन्म में नहीं सीख सकते ठीक है इनके जैसे लोगों को प्लांट किया जाता है अखाड़ों में इनके जैसे लोगों को प्लांट किया जाता है साधु साधवी हों के पास पुरुष को भेजा जाता है साधवी के पास और महिला को भेजा जाता है साधु के पास प्लांट किए जाते हैं यह कुछ वि धर्मयोद्दा इतनी बुद्धि अगर सबको आ जाए तो मुझे नहीं लगता कि सतर्क रहना अति आवश है आंखें गड़ा के वहां बैठना वीडियोस बनाना ठीक है पैर दबाने के बहाने महिलाओं साधुओं के उसका वीडियो बना के देखो अरे बड़े हरामखोर टाइप होते हैं यह ठीक है सेक्सो साइकोपैथ्स इसलिए मेरा साधु समाज में विशेष आग्रह है अखाड़ों से क्योंकि वही रूल करते हैं ना अखाड़े रूल करते हैं तो मेरा उन अखाड़ों से विशेष आग्रह है वहां पर विद्वान बैठे हैं कि बनाए ऐसा कोई रूल महिलाओं को महिला खड़ में भेजा जाए उन पर भी दृष्टि रखी जाए महिलाए भी गड़बड़ कर देती है और पुरुष भी गड़बड़ कर देते हैं पुरुष अखाड़ों में जाक हरकतें तो कोई भी कर सकता है लेकिन जितना प्रिकॉशन इ बेटर देन क्योर सतर्क रहना आवश्यक है आज का समय नहीं है भाई मैं पढ़ती हूं ऐसे मेल और मैं मुझे हंसी आती है इनकी बुद्धि पर दया आती है और अपनी फोटो भेजेंगे ऐसी स्टड टाइप ठीक है फोटो भी भेजेंगे साथ में मतलब इनकी बुद्धि किस तरह की चलती है कितनी गिरी हुई बुद्धि के मालिक है यह लोग और कैसे घर के के संस्कार है आश्चर्य होता आश्चर्य मतलब भयंकर आश्चर्य होता है मुझे जब ऐसे मेल्स मेरे पास आते हैं यहां पर भी कई लोग अश्लीलता कर जाते हैं वो तो बात अलग है कि ब्लॉक करती रहती हूं मैं इनके टट पूजि हों के मुंह कौन लगे फिर यहां पर आते हैं कुछ बोलने हमेशा उग्र ही रहती हो अरे मैं उग्र ही हूं भाई मेरा जन्म ही ऐसी तिथि को है कि उग्रता है स्वभाव में गलत करते हैं नहीं गलत बर्दाश्त नहीं होता किसी के रास्ते में आते नहीं कोई रास्ता हमारा छेड़े हम बर्दाश्त नहीं करते हम किसी की चीज पर दृष्टि नहीं रखते हमारी पर दृष्टि रखोगे तो भैया दृष्टि चली जाएगी फिर बोलना मत तंत्र मंत्र कर दिया करने की जरूरत ही नहीं पड़ती है भैया वह अपने आप ही छड़ता नहीं है जिसके भरोसे हम सब छोड़कर आए हैं ना वही छोड़ता नहीं फिर किसी को पायल सोच के बारे में आस्क मी आई सीन मतलब मेल्स की लिस्ट है पलंका और कितने मेलस जो है हमारे लीगल डिपार्टमेंट में भेज देती हूं मैं जैसे ही आते हैं वहां फॉरवर्ड हो जाते हैं फिर उनकी धीरे-धीरे अंदर से जड़ से इंक्वायरी शुरू होती है मेरा सिर्फ देखिए मेरा कंसर्न जो है महिला साध भी हैं और पुरुष साधु भी मेरे लिए इक्वल दोनों है लेकिन जो हमारे को इक्वल समझ नहीं रहा और दृष्टि गलत रख रहा है उसके प्रति हमारी भी दृष्टि वैसी है अगर तुम्हारी दृष्टि स जैसी है तो हमारी दृष्टि गिद्ध बाज गरुड़ जैसी है ठीक है तो संभल के यह मुझे आश्चर्य इस बात का होता है अंग्रेजी में लिखेंगे ठीक है वेरी फ्लरी अंग्रेजी एंड देन देल सेंड वेरी काइंड ऑफ पिक्चर ट दे थिंक दे आर द देखते ही कोई उन पर लट्टू हो के मर जाएगा बहन की टांग पला नहीं प बड़ा तुम्हारा साला अघोरियों से सही वाले मुंह पहले तोड़ते हैं बात बाद में करते हैं प्रश्न बाद में पूछते हैं हम जैसे लोग तो यह वीडियो मैंने बनाया बहुत दिन पहले था डाला बहुत सोच समझ के चिंतन करने के बाद विचार करने के बाद कल रात को डाला है अरे इनकी अंग्रेजी की अम्मा पापा इनको नीचे जो कुल बुहट होती है ना नीचे कीड़े घूमते रहते हैं ऐसा ना हो कि एक दिन कीड़े ही निकलने शुरू हो जाए वहां से महिलाओं पर दृष्टि गंदी रखने की वजह से ऐसा ना हो वहां कीड़े ही पड़ जाए लायक ही नहीं रहे किसी ध्यान से भैया कहां लिख रहे हो किसको लिख रहे हो ठीक है तुम्हारे को औकात ही नहीं है तुम्हारी कि तुम किसी को भी इस तरह का लिख सको औकात नहीं है तुम्हारी जैसे लोगों की जिनकी ऐसी मानसिकता है और महिलाएं भी महिलाओं से भी और पुरुषों से भी साधु समाज में ही नहीं इन जनरल भी जो गृहस्थ में है महिला कहीं पर भी हो पुरुष कहीं पर भी हो सतर्क रहना आवश्यक है इस तरह के इनको मैं भेड़िया भी नहीं बोल सकती बेचारे भेड़िया का अपमान हो जाएगा इस जैसे पिशाच इनके जैसे जो पिशाच है ना प्लीज उनसे बच के रहे ठीक है यह बोलते हैं मां दृष्टि रखते हैं तुम्हारे उरोज पर स्तनों पर स्पष्ट हूं ना तो थोड़ा चुप रहा होगा बहुत से लोगों को कैसी भाषा का प्रयोग करती हैं क्यों अब स्तन को स्तन ही बोला जाएगा और क्या बोला जाएगा मां बोल कर के दृष्टि उनकी वहां रहती है तो कहे कि मारे इनकी संस्कार अपने घर से इनको मिलने चाहिए ऐसा है भैया यह इस तरह की लैंग्वेज लिख के मेरी जैसी स्त्री महिला साधवी जो भी तुम जैसे टपूज समझते हो तो भैया मेरे से तो तुम इस बारे में डिस्कशन करने के लिए पार नहीं पा सकोगे तुमको लगे कि यह इस तरह की ऐसी भाषा लिख के भेजो इनको डि मोरलाइज करने का सोचते हो अपने आप पुरुष सोच रहे हो पुरुष लिंग लगा इसलिए अभी थोड़ दिन पहले भी इस बात की ी लिंग लगा इसलिए पुरुष हो गए एक टुकड़ा एक्स्ट्रा लगा दिया भगवान ने नीचे तुम्हारे तो पुरुष हो गए उससे अरे थारे जैसे पुरुष कुत्ता भी पुरुष है सूअर भी पुरुष है ठीक है तो इस वीडियो के थ्रू इन जैसे हरामखोर को बता रही हूं जो सच में पुरुष है वो यहां पर समझ में आते हैं उनकी मेरी रिस्पेक्ट है पूर्ण रिस्पेक्ट है उनके लिए जिनमें पुरुषत्व दिखता है स्त्री के प्रति जो सम्मान है जिस दृष्टि से वह बात करते हैं जिस दृष्टि से देखते हैं वह समझ में आता है भाषा आदमी की बहुत कुछ बता देती है बोल आदमी का बहुत कुछ बता देता है हम तो यह जो इनके जैसे हरामखोर टाइप के हैं ना सेक्सो साइकोपैथ्स पोन देख देख देख के जो दिमाग जिनके जिनके दिमाग में सिर्फ गंदगी के कीड़े विष्ठा के कीड़े भरे हुए रहते हैं तो तुमको एक होल की जरूरत है ठीक है दीवार में बनाओ अपने घर में और यूज करो उसे ठीक है अगली बार घर से उठवा के ना लिंग को लिंग नहीं रहने दूंगी मैं अगर इस तरह के मेल भेजे और मेरे पास किसी लड़की ने भेज दिया कि इसने हमको ऐसा मेल भेजा है तो भी उठवा लूंगी ओपन यहां से बोल रहे हैं हर हर महादेव जय भवानी जय अखंड भारत जय हिंदू राष्ट्र
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होलिका दहन की शुभकामनाएँ । होली का टोटका
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हर हर महादेव दीपू भक्षियाते ध्यान तम का जन्म भक्षाए नित्यम जयते रोशनी दिया प्रकाश जो है वह अंधकार को का जाता है पर फिर जब वह दिया अंधेरे...
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हर हर महादेव साधु संतो साध्वियों के प्रति बढ़ते जान वाले कुछ नियम जिनका हम सभी को पालनपुर करना चाहिए उनमें से कुछ मैं आपको अब यहां बता रह...
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पनीर का टेस्ट ब लगा उसी को मार शकल नहीं दिख रही होगी ब दिख जाएगी शकल भी िक जाएगी अकल भी हो जाएगी बहुत जल्दी वो दोबारा आया ना जो बाद में...
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