आज मैं जा रही हूं मेरे पास के जंगल में ऑफिस देने के लिए जहां मैं अक्सर जाया करती हूं ग्रैंडपा ट्री के पास यह कुछ ऑफिस है जो मैं अपने साथ ले जाती हूं अक्सर फ्रूट्स इनसेंस ग्रेन मिल्क एंड समटाइम स्टोस आल्सो तो यह मेरे क्रिस्टल्स है जो मैं उन्हें ऑफर करूंगी एन ऑफ ंग टू द गस गस मदर अर्थ हमारे यहां मौसम अचानक बदल जाता है सडन तेज धूप होती है और फिर अचानक से फॉग हो जाता है अब मैं अपने जंगल की तरफ जा रही हूं और शीघ्री आपको वहां पर ग्रैंडपा ट्री से क्लींजिंग हमारी लाइफ का एक रूटीन वर्क है जो सभी हीलर्स करते रहते हैं और वह आवश्यक भी है क्लीनिंग या क्लींजिंग सिर्फ घर की नहीं होती इस देह रूपी घर की भी क्लींजिंग समय समय पर आवश्यक है जब हम दूसरों को क्लेंज करते हैं तो हम उनकी नकारात्मक ऊर्जा स्वयं पर ले लेते हैं और फिर हमें भी उसे क्लीन करना होता है बेसिकली इट्स एन एनर्जी जो हमें किसी और डायरेक्शन में भेजनी होती है वी बिकम द मीडियम जहां पर कि किसी दूसरे व्यक्ति की नकारात्मक ऊर्जा हम अपने ऊपर लेकर के फिर बाद में उसे कहीं और डायवर्ट करते हैं क्योंकि एनर्जी को खत्म नहीं कर सकते आप उसे ट्रांसफर जरूर कर सकते हो तो इंटरेस्टिंग इंफॉर्मेशन के साथ में मैं आ रही हूं 6 जुलाई 2024 को स्टे ट्यू टू माय ऑल सोशल प्लेटफॉर्म्स थैंक यू सो [संगीत] मच यह है हमारे गांव का बहुत पुराना ल स्टाइल सच ब्यूटीफुल आज हमारे गांव में बारिश हुई थी और मैं और व जंती हमने सोचा चलो जंगल की तरफ एक चक्कर काट के आते हैं और अगर कुछ जड़ी बूटियां मिली तो उन्हें भी साथ लेते आएंगे हम लोग बहुत एंजॉय करते हुए जा रहे थे म्यूजिक सुनते हुए जा रहे थे और बड़ा आनंद आया इस जर्नी में जब भी मैं जंगल जाती हूं तो जैसा कि मैंने बताया कि मैं दूध ले जाती हूं पेड़ों को चढ़ाने के लिए जहां मुझे लगता है कि एनर्जी आर वेरी पॉजिटिव और इफ आई फील देर सम एनर्जी सम हायर एनर्जी तो मेरे पास एक केन है चीनी मिट्टी का बना हुआ मैं उसम डालकर दूध लेकर जाती हूं और वो मैं प्रकृति को ऑफर करती हूं यहां से हमारे जंगल की चढ़ाई शुरू होती है और क्योंकि यह पास में ही है तो मेरी एक्सरसाइज भी हो जाती है और मुझे आनंद बहुत आता है बिल्कुल घने जंगल गीली मिट्टी की सौंदी सौंदी खुशबू और चारों तरफ हरियाली ऐसे लगता है प्रकृति का साक्षात रूप मैं देख रही हूं कितना कुछ देती है प्रकृति हमें और हम क्या देते हैं तो अब मैं बस पहुंचने वाली हूं अपने पहले ब्रदर ट्री के पास ग्रैंडपा ट्री से पहले मेरे ब्रदर ट्री आते हैं तो मैं उनके पास रुक के पहले उन्हें प्र प्रणाम करती हूं फिर उनकी परमिशन लेके ग्रैंडपा ट्री से मिलने जाती हूं सच ब्यूटीफुल डिवाइन एक्सपीरियंस सो मीट माय ब्रदर ट्री यहां पर रुककर मैं कुछ देर आराम करती हूं अक्सर और फिर मैं अपनी ऑफिस देके प्रेयर करके धूप पत्ती जला के और उसके बाद में क्लींजिंग करके मैं आगे ग्रैंडपा ट्री के पास जाती हूं पर क्योंकि आज मुझे थोड़ा जल्दी है तो मैं अपने काम को जल्दी फिनिश करके जा रही हूं क्योंकि कोई भी साधना या कोई भी बड़ा कुछ कार्य शुरू करने से पहले मैं एक बार पंच तत्वों को ऑफर जरूर देती हूं कुछ प्रेयर जरूर करती हूं और धन्यवाद देना पसंद करती हूं और उनसे प्रार्थना करती हूं कि मेरी साधना में मेरे सहायक हो यहां पर मैं अगरबत्ती जलाऊंगा है अगर पती जला करके प्राथना करूंगी और जो सीड्स है वो भी डालूंगी सीड्स डालने के पीछे एक बड़ा रीजन यह भी है कि हम जहां जहां सीड्स डालते हैं क्योंकि इसमें सीड्स भी है ग्रेन है सीड्स हम जहां भी डालते हैं वहां पर वह उगते हैं तो उससे प्रकृति को हेल्प होती है तो इस यह भी एक रीजन है कि हम सीड्स की ऑफर देते हैं पेड़ के आसपास या धरती में अगरबत्ती हम सभी जानते हैं धूप या अगरबत्ती वातावरण को सुगंधित करने के लिए पॉजिटिव एनर्जी को अपनी तरफ अट्रैक्ट करने के लिए हम लगाते हैं इसके अलावा मैं अपना रिचुअल [संगीत] घुंगरू पहन के गई हूं और यह मेरा रटल है रिचुअल रटल है जिससे मैं अपनी क्लींजिंग भी करती हूं ऑन अ रेगुलर बेसिस भी एनर्जी क्योंकि हम बहुत सी अलग-अलग जगहों से जाते हैं तो अलग-अलग एनर्जीस हमारे आसपास होती हैं लुक एट दिस ब्रदर ट्री के कितने ऊंचे हैं ये कितने विशाल हैं जितने कहते हैं कि एज अबब सो बिलो जितना ऊपर होता है उतना ही नीचे होता है जड़े जो है वो धरती को पकड़ के रखती हैं मजबूती देती हैं अब मैं बढ़ रही हूं ग्रैंड पटरी की तरफ और अब उन्हें ऑफि दूंगी वहां पर आज कुछ महिलाएं बैठी हैं उस पेड़ के नीचे घना वृक्ष है कम से कम 200 साल पुराना वृक्ष है यह देवदार का और उसके नीचे कुछ महिलाएं बैठ के गांव की और अपना कुछ सामान टूरिस्ट जो है उनको बेच रही हैं मैं अपनी निर्विघ्न वहां पर प्रार्थना करती हूं क्योंकि बहुत सालों से जब से मैं आई हूं आई एम वेरी मच कनेक्टेड टू दिस ट्री और मुझे यहां एनर्जी फील होती हैं इसके लिए मैं वहां जाती हूं और प्रार्थना करती हूं और मुझे बड़ा आनंद होता है यहां पर भी मैं जो भी ऑफिस लाई हूं वह भी ऑफर करती हूं प्लस मैं ट्री को हग करती हूं यह मेरा बचपन की आदत है जब मैं बहुत उदास होती हूं या बहुत खुश होती हूं या जब मैं प्रेयर्स करना चाहती हूं मैं किसी भी पुराने पेड़ के पास पुराने वृक्ष के पास जाती हूं उसे हग करती हूं और उसे काफी देर छूकर हाथों से और उसकी ऊर्जा को महसूस करने की चेष्टा करती हूं मुझे ऐसे लगता है कि जैसे प्रकृति मुझसे पेड़ों के द्वारा बात करती है पौधों के द्वारा या पंछियों के द्वारा या पशुओं के द्वारा बात करती है तो मैं वह कोई भी मौका नहीं छोड़ जब प्रकृति मेरे से बात करना चाहती है अपनी प्रार्थनाएं खत्म करके मैं जा रही हूं अभी कुछ जड़ी बूटियां और फूल लेने के लिए मुझे अच्छा लगता है अपने हाथ से चीजों को लेकर के आना तो यह कुछ फूल मुझे रास्ते में रोड साइड पर दिखे तो मैं इनको यह बहुत कम मात्रा में में मुझे दिखे और यहां पर यह श्वान भी आ गए मेरे मित्र बहुत क्यूट है और पहाड़ी कुत्ते जो होते हैं वह आपको रास्ता अगर आप भटक जाओ तो यह आपको अगर आपको दिख जाए तो समझ लीजिए गांव आसपास में है यह आपके सहायक बन जाते हैं वहां पर अब मैं जो है वहां से फूल तोड़ रही हूं और कुछ और जो रास्ते में पत्तियां लगी हुई हैं जिसमें से मुझे सबसे ज्यादा पत्तियां मिली अभी आर्ट मिजिया मगवर्ट की और कुछ य फूल मुझे मिले हैं यह मैं लेकर के अब जा रही हूं और इन्ह जो मैं है सुखाऊ और फिर कई बार मैं ऑफर भी दे देती हूं कभी-कभी यह भगवान के सामने रख देती हूं मेरे ल्टर के सामने रख देती हूं और अगर ज्यादा मात्रा में होते हैं तो मैं इन्हें बंचे में बांध बांध के और सुखा देती हूं फिर हैंग करके और अंधेरे छायादार जगह पर इन्ह सुखा देती हूं बाद में यह उसके अलावा अब मैं क्योंकि मैंने खुद लगाना शुरू किया है लेवेंडर [संगीत] और सेज मिंट सेज मिंट बाली और यह धान लगा हुआ था तो मैंने सोचा धान दिखा मुझे तो मैं तोड़ लेती हूं शुभ मानते हैं ऐसे बहुत और यह मां लक्ष्मी को भी चढ़ता है और हर भगवान के सामने आप भी मानते हैं उनके सामने इसे रखा जाता है तो मुझे लगा इसे भी साथ लेते हुए चलना चाहिए तो अलग-अलग जड़ी बूटियां अलग-अलग पत्तियां फूल पंचांग इनके अपने-अपने महत्व हैं धीरे-धीरे हम सीखते हैं धीरे-धीरे क्योंकि प्रकृति में मैं हमेशा से रहना चाहती थी और भगवान की कृपा से मैं यहां पर हूं हिमालय की गोद में और यहां पर जड़ी बूटियां अब एेंस में है अगर आप पहचानते हैं तो आप बहुत कुछ कर सकते हैं इनका प्रयोग तो मैं अब यह लेकर के अपने साथ जाऊंगी कपड़ों पर कुछ फूल चिपक गए हैं आसपास के यह जो भी ड्रेस है उसके ऊपर वो चिपक जाते हैं आप जो जब भी इनके बीच में जाते हो तो कुछ ऐसे पौधे आपको मिल जाते हैं च इज तो यह जो है मेरे सुखाए हुए कुछ हर्ब्स है यह मिंट है और इसमें से जो अच्छा एकदम छायादार इसमें सुखाया है इसमें से जो ग्रीन पत्तियां एकदम जो सूख के क्रिस्पी हो गई हैं उन्हें मैं निकाल कर के और कांच के मर्तबान में इकट्ठा कर लेती हूं और जब इसका सीजन नहीं होता यह जैसे काम के लायक नहीं है ब्लैक कलर का हो गया यह तो मैं इसको हटा रही हूं सिर्फ ग्रीन पत्तियां इसमें से निकाल रही हूं और इनको स्टोर कर रही हूं ग्लास जार में तो जब सीजन नहीं होता तो मुझे और मुझे अगर मान लीजिए किसी हर्ब की आवश्यकता है तो मेरे पास व ड्राई फॉर्म में स्टोर्ड रहती हैं तो मैं उन्हें यूज कर लेती हूं मिंट इज ऑलवेज रिफ्रेशिंग ब्रेन को एकदम एक्टिव कर देती है रिफ्रेश कर देती है और आप मेरे पास जैसे जार आप देख रहे हैं इस तरह के जार में मैं अपनी हर्ब्स को स्टोर करती हूं और इस तरह की चीजों का आपको स्टॉक अपने पास रखना पड़ता है मेरे पास कुछ सूखे हुए कैलेंडुला के फूल भी हैं जिन्हें मैं अब जार में डालूंगी सीजन जब होता है तो हम कैलेंडुला को धीरे-धीरे तोड़ के रख लेते हैं और सुखा लेते हैं तो ये एकदम सूखे हुए हैं कई बार ह्यूमिड वा वातावरण में हर्ब्स खराब हो जाती हैं तो जब भी आप अपनी हर्ब्स को सुखाना चाहते हैं तो छायादार हवादार एरिया में उन्हें और अंधेरे एरिया में उन्हें सुखाना चाहिए क्योंकि धूप लगने से उनका कलर चेंज हो जाता है अगर ह्यूमिड एरिया होगा जहां हवा नहीं होगी ह्यूमिडिटी होगी वहां पर वह गलने लगती हैं और उनमें स्मेल आने लगती है फंगस लग जाती है इसीलिए कभी भी हर्ब्स को डार्क ड्राई और एरी एरिया में रखा जाता है सूखने के लिए उसके बाद में उन्हें कंटेनर्स में स्टोर कर लिया जाता है बहुत से लोग एयर टाइट कंटेनर भी यूज करते हैं मेरे पास जो अवेलेबल था मैं उस ग्लास जार में इसे स्टोर कर रही हूं हिमालय में वातावरण स्पेशली मनाली के एरिया में वातावरण मोस्टली ड्राई रहता है तो यहां पर ह्यूमिडिटी की वो समस्या नहीं है कि यहां पर खराब हो जाए हर्ब्स सिर्फ जून के महीने में 10-15 दिन के लिए यहां ह्यूमिडिटी रहती है बारिश होने से पहले उस समय हमें इन हर्ब्स को बचाना पड़ता है अगर यह ओपन में रखी तो खराब होने के चांसेस होते हैं जैसे रोज की पत्तियां हो गई या कैलेंडुला हो गया या कोई भी हब आपने अगर बाहर रखी है मैं मनाली की बात कर रही हूं जहां पर ह्यूमिडिटी का लेवल हाई है जैसे कि मुंबई जैसा क्षेत्र जो है वहां पर ह्यूमिडिटी का लेवल बहुत हाई है तो वहां पर इन हर्ब्स को ड्राई करना एक चैलेंज हो जाता है लेकिन यहां पर यह बहुत नेचुरली एयर ड्राई होते हैं और इनका कलर भी वी डोंट लूज द कलर च इ सच अ ब्यूटीफुल थिंग तो मैं अब यहां पर जितनी भी हर्ब्स लेकर आती हूं मैंने कुछ तो उगानी शुरू कर दी है लेमन बाम वगैरह अभी जो आया है वो हमारे यहां से ही हमारे गार्डन में ही लगा हुआ है उसको मैं सुखा रही हूं अब उसमें टाइम लगेगा यह सब हर्ब्स हमारी बॉडी के लिए किसी ना किसी रूप में बहुत कारगर सिद्ध होती हैं अब पुराने समय में मनीषी लोग जो थे वह यह जानते थे महिलाएं यह जानती थी इसीलिए इनका भोजन में प्रयोग होता था सैलेड में प्रयोग होता था दवाइयों में प्रयोग होता था इसीलिए आप उन्हें कह सकते हैं कि हां वह मैजिशियंस थे या तांत्रिक थे अभी तांत्रिक बिना वनस्पति तंत्र एक तंत्र है और उसमें यह सब चीजें जुड़ी हुई हैं आयुर्वेद भी एक तरह का तंत्र है तो वैजनाथ जो है हमारे भगवान शिव का एक रूप वैद्य का रूप है और जिस जो जड़ी बूटियों से जुड़े हुए हैं और भगवान शिव तो जड़ी बूटियों से जुड़े हुए हैं ही उसके अलावा धनवंत्री द गॉड ऑफ द लॉर्ड ऑफ मेडिसिन विष्णु अवतार तो हमें उनसे प्रार्थना करनी होती है हम उनसे प्रार्थना करके इनका प्रयोग करते हैं उपयोग में लाते हैं तो मनीषियों को यह पता था और व जानते थे कि किस चीज का प्रयोग किस चीज के लिए किया जा सकता है किस बीमारी के लिए कर सकते हैं या इसको खाने से हमें क्या फायदा होगा या अगर हम खा नहीं रहे हैं मान लीजिए तो उसको हम अगर जला रहे हैं तो उससे क्या फायदा होगा हम वनस्पतियों को हवन के रूप में भी प्रयोग करते हैं हवन की सामग्री के रूप में भी उसका प्रयोग होता है हम जड़ी बूटियों को खाने में भी प्रयोग करते हैं दवाई के रूप में भी प्रयोग करते हैं तो हमें ईश्वर ने प्रकृति ने इतना सब कुछ दिया है कि हमें एलोपैथिक मेडिसिंस की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी यदि हम प्रकृति पर निर्भर रहेंगे और प्रकृति से तालमेल बिठा कर के चलेंगे क्योंकि हम पेड़ों का ह्रास कर रहे हैं पेड़ काट रहे हैं जड़ी बूटियां उसमें कट रही हैं एक पेड़ के नीचे हमें लगता है कि वह केवल पेड़ है जड़ है तो उसको पेन नहीं होता लेकिन वो भी नीचे नीचे अब साइंस इस पर रिसर्च हो रहा है और बहुत से ऐसे स्टडी सामने आए हैं जो बताती हैं कि पेड़ की जड़ें दूर दूर तक फैली हुई एक दूसरे पेड़ से कनेक्टेड रहती हैं और एक दूसरे पेड़ को जब किसी एक पेड़ को हाम पहुंचता है नुकसान पहुंचता है किसी भी वजह से तो एक दूसरे पेड़ की जड़े उसको आकर के पोषित करने लगती हैं यह कैलेंडुला आप देख रहे हैं मैंने इसमें रखा है सूखा हुआ कैलेंडुला च इ वेरी हेल्पफुल यह सख सखे हुए सफेद गुलाब के फूल हैं यह सूखा हुआ पुदीना है मनाली के पुदीना की पत्तियां बहुत बड़ी-बड़ी होती हैं तो इट्स वेरी गुड कि थोड़े से पत्तियों को लेकर के ही हम जो है चटनी बना लेते हैं और यह है मेरी अम्मा इनसे मिली है और यह है मेरा साधना कक्ष जहां मैं अक्सर बैठकर अपनी साधनाए किया करती हूं इस वीडियो को देखने के लिए बहुत-बहुत आभार आशा करती हूं आपको यह वीडियो पसंद आया होगा इसी से कनेक्टेड अगला वीडियो भी जो हर्ब्स के ऊपर होगा जड़ी बूटियों के ऊपर होगा जिसमें कौन सी जड़ी बूटी आपके लिए क्या काम करती है उस बारे में [संगीत] जानकारी नए व्यूवर्स प्लीज सब्सक्राइब करें फॉलो करें कमेंट्स करें शेयर करें और बेल आइकन दबाना ना भूले थंक य सो मच हरर भवानी जारत जय हिंदू राष्ट्र ह हर महादे शंभो डमरु धरा [संगीत] [संगीत]
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