Thursday, 5 February 2026

कवन दिसा में लेके चला रे बटोहिया

कवन दिशा में लेके चला रे बटोहिया कवन देसा में लेके चला रे बटु या जरा ठहर ठहर मोहे देखन दे देखन दे हर हर महादेव यह सॉन्ग आपने सुना होगा बड़ा फेमस सॉन्ग है ये एक मूवी का लेकिन इसका भाव जो है वो बिल्कुल ऐसा है जैसे भगवान हमें समझाने की चेष्टा करते हैं आत्मा हमें समझाने की चेष्टा करती है बटोहिया कौन है इसमें जो गाड़ी को हांक रहा है इस शरीर रूपी गाड़ी को जो हाक रहा है वह है हमारी चेतना जो हमें हाक रही है और गाइड करती रहती है बताती रहती है मन भर रमाए नना बांधे ये डगरिया मन हमारा जो है वो चंचल है मन भर माता है तो संसार में यह सब प्रॉप्स देख के बाहर चीजों को देख के हम मोहित हो जाते हैं मन भर मायन ना बांधे ये [संगीत] डगरिया गए जो ठहर दिन जाएगा गुजर गाड़ी हा कन दे हा कन दे तो यह उसको बटोहिया समझाता है बार-बार कि हम यहां रुक नहीं सकते चलते ही रहना है जब तक मंजिल को प्राप्त ना कर ले जब तक हम अपने गंतव्य पर ना पहुंच जाए हमें चलते रहना है यह चीजों से मन भरमा जाएंगे और इधर ही रुक गए तो दिन गुजर जाएगा हम जो कर्म करने के लिए आए हैं वह नहीं कर पाएंगे तो इसके लिए मन को हर जगह कहा गया है मन चंचल है इसे से हमेशा कंट्रोल करने के लिए शिक्षा दी गई चाहे वो भगवत गीता में हो या बहुत से इस तरह के दार्शनिक सोंग्स जो हैं सॉंग आप सुनते हो आप उसको किस दिशा में लेते हो किसी भी सॉन्ग को वह भी बहुत निर्भर करता है आपके ऊपर अब यह आपके लिए एक ट्रेवल सॉन्ग भी हो सकता है एक लव सॉन्ग भी हो सकता है एक यू नो और एक दार्शनिक सॉन्ग भी यह बन सकता है आपके लिए डिपेंड करता है कि आप इस सॉन्ग को गाने को देख कैसे रहे हैं सो यस तो हमारा जो चंचल ही मनहा कृष्णा मन चंचल है अलग-अलग हम चीजों देख कर के भरमा जाते हैं देखते हैं तो भरमा हैं लुभा जाते हैं माया यहां से हमें पकड़ लेती है कितना प्यारा बच्चा है य कितना प्यारी चीज है यह पाने का अधिक उसम वो आ जाता है भाव मेरा होना चाहिए मेरा हो जाए या यह चीज मेरी हो जाए वहां से लालसा पैदा हो जाती है लालसा से जो है हम बंधन में आ जाते हैं करना पड़ फिर हम उलज जाते हैं उसी चीज में उसको पाने की होड़ में उलज जाते हैं और फिर संसार में ही उलज जाते हैं यह पा लिया तो कुछ दूसरा पाना है पर आत्मा बारबार बोल रही है यह नहीं पाना है तुझे यह तो भरमाया है भरमा वाला है यह तो भरमाया है मतलब ये तुझे भरमा रहा है पाने वाला जो है वह इधर है रास्ता इधर चल इधर चल तुम मन भर मायन ना बांधे डगरिया तू जो है शरीर रूपी यह जो देह रूपी हमारा पिंजरा है जिसमें एक मैना है बंधी हुई कर्मों की वजह से [संगीत] आत्मा वह सिर्फ दृष्टा है देख रही है देखेगी हम क्या कर रहे हैं बोलेगी नहीं जैसे भगवान बोलते नहीं है बताते नहीं है कुछ कहेंगे नहीं तुमको जो करना है करते रहो माता पिता समझाएंगे शुरू में लेकिन फिर उन्होंने शास्त्रों के द्वारा ऋषि मुनियों के द्वारा जो मैसेजेस छोड़े हैं वो उन्होंने ही हमें समझाने की चेष्टा की उन शास्त्रों में भगवत गीता भगवान श्री कृष्ण के मुख से निकली है तो उन्हीं की वाणी है उन्होंने उसी में समझाया है हमें सब कुछ अब जब नहीं सुनते हैं तो फटके खाते हैं फिर फिर माता-पिता कहते हैं छोड़ो इसको य तो सुनता ही नहीं है एक टाइम आता है कहते छोड़ दो सुनते ही नहीं है तो ऐसा ही हमारा जीवन है आत्मा हमें बार-बार संकेत देती है चेतना हमें बताती बटोहिया जो है वह चेतना है उसे पता है लेकिन मन जो है यह चंचल है देख देख के नहीं मुझे इधर ही रुकना है मुझे यही करना है चेतना उसे बता रही है नहीं यह तेरा कार्य नहीं है तू इस कार्य के लिए आया किसी और कार्य के लिए यहां पर आया उस पर ध्यान केंद्रित कर तुझे जाना है आगे यहां रुक नहीं सकते हम कहीं गए जो ठहर दिन जाएगा गुजर गाड़ी हाकने दे य जीव रूपी जो शरीर रूपी गाड़ी है इसको हांकने दो मतलब इसको उस कार्य में लगाओ जिसके लिए यह बना है तो मुझे इस गाने का यह अर्थ समझ में आता है इसीलिए मुझे यह सॉन्ग पसंद है और यह पता नहीं बचपन से पसंद है मुझे तब इसका अर्थ भी समझ में नहीं आता था धुन से मुझे पसंद था अब इसको सोच के देखते हो तो अच्छा इसका यह अर्थ था मेरे लिए [संगीत] मन भर माए न ना बांधे ये डगरिया जो गए ठहर शब्द याद नहीं है दिन जाएगा गुजर गाड़ी हा कन दे हा कन दे कवन दिशा में लेके चला बटू हैया कवना दिशा में तो लिसन टू योर बटोहिया चेतना अपनी चेतना को सुनिए कार्ड रीडिंग करें मैसेज देखते हैं क्या है आज मन भर माए देखो सब संसार में सब देखो मेरी दादी कहती दुनिया एक सराय है दुनिया एक सराय [संगीत] फानी दुनिया एक सराय है आओ तमाशा देखो असली घर कहीं और है हमारा यहां तमाशा देखो पैसा खर्च करो कर्म मतलब पैसा हमारे जो है कर्म है यहां पर कर्म खर्च करो कुछ कमाओ कुछ लेकर जाओ यहां से कर्म के रूप में ही और अपने असली घर पहुंचो बाद में दिस इज नॉट अ रियल होम दिस इज जस्ट अ स्टेशन मेला है मेले में देखने के लिए स्टेशन पर उतरे हैं हम मेले को घर समझ लिया तो धोखा हो जाएगा हमारे साथ देखो एंजॉय करो उसमें अटैच मत हो लिप्त मत हो जाओ वो हमें अटका देगा इधर ही पता कैसा अटका होता है फिर चूहे के लिए आप लोग वो लगाते हैं ना व क्या कौन सा ट्रैप होता है जो जिसमें ग्लू ट्रैप जो होता है तो हमारी हालत वैसी हो जाएगी चिपक जाएंगे अगर हम अगर हम उस अटैचमेंट में आ गए तो वह ग्लू है अटैचमेंट चिपका देगा य और तड़प तड़प के मारेगा मतलब तड़पा तड़पा के मारेगा फिर हमें वो तो सब सब कुछ आप देखो आनंद करो भगवान ने कहा आनंद जैसे कमल रहता है वैसे आनंद लो सब देखो एंजॉय करो घुस मत जाओ उसमें अपना मत मान लो बस उसको मोमेंट्री है य नाइट ऑफ वनस उल्टा है य है डिले का कार्ड कोई मैसेज जो आप एक्सपेक्ट कर रहे थे कोई कुछ चीज को आप एक्सपेक्ट कर रहे थे तो वो थोड़ा डिले हो गया हो सकता है आज के दिन मतलब ये वैसा नहीं जाएगा जैसा एंड व्हिच इज गुड क्योंकि हम लोग उसमें है क्या यू नो अभी श्राद पक्ष में है तो दो को ग्रहण भी है और 3 तारीख तक बेस्ट है कि हम न तारीख तक स्लो उसमें ही रहे पेस में ही रहे तो अच्छा है अच्छे से हम अपने जो पित्र हैं उन्हें अच्छे से विदा करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करके विदा करके उसके बाद कार्य शुरू करें तीन तारीख से तो तब तक थोड़ा डिले होती रहे चीजें तो बढ़िया है जो होता है अच्छा ही हो रहा है भगवान जो करते हैं ना बिना कारण के नहीं करते जिनको पैसा दे रखा है उनके लिए उस हिसाब से अच्छा कर रखा है जिनको नहीं दे रखा है उस हिसाब से अच्छा कर रखा है जिनके पास घर है उनके लिए अच्छा है जिनके पास नहीं है वह उनके लिए अच्छा है तो हर किसी के पीछे कारण है भाई तो वह कारण को हमेशा कि अच्छा कुछ ना कुछ कारण होगा तभी वह ऐसा कर रहे हैं हमारी ही भलाई होगी यह विश्वास रखना यह विश्वास लाना पड़ता है भाई यह विश्वास बनाइए अपने अंदर जब ऐसा विश्वास बना लेंगे तो साइको मेरे ना ऐसा हो जाता है कभी कभी ब्लूपर्स हो जाते एक टर्म है जिसमें कि जो आप सोच सोच के किसी चीज को रियलिटी में बदल देना जिसे मेनिफेस्टेशन भी कहते हैं तो मेनिफेस्टेशन की बहुत टेक्निक्स है उसमें से यह भी एक टेक्नीक है कि सोच सोच के उसे मेनिफेस्ट कर देना आई हैव डन दैट अ लॉट इन माय लाइफ आई हैव एक्सपीरियंस्ड प्रैक्टिकली सीन कुछ मैंने आपके साथ शेयर किए एग्जांपल्स अ वन ऑफ देम इज बिग बॉस प्लेटफार्म वन द अदर इज द मीडिया थिंग द थर्ड इज थर्ड मींस देयर आर मेनी मींस मल्टीपल हाउ डू आई यू नो आई हैव नेवर लिस्टेड देम बट यस मेनी थिंग्स आर देयर कि सोच सोच के एज आई टोल्ड यू यस्टरडे ओनली दैट आई थिंक अ लॉट तो इफ आई हैव टू मेनिफेस्ट समथिंग आई कीप वर्किंग थ्रू माय माइंड टक टक टक टक टक वहीं अटक जाता है मेरा दिमाग कि मुझे ये करना है आई वांट दिस तो यहां से लक्ष्य आपको अपना डाउट्स नहीं आने चाहिए जहां डाउट्स आते हैं ना कि अरे भैया हम कहां भाई ये हम बोलते हैं मजाक में भी बोल देते हैं ना कई लोग अरे कहां भैया दाल रोटी चल रही है बस अरे कहां करोड़ों रुपए पड़ा दाल रोटी चल रही है अच्छी बात है यह भी मत बोलो फिर दाल रोटी चल रही ऐसा नहीं दाल रोटी पर आ जाओ फिर जो अपना इतना बड़ा एंपायर तुमने बना रखा है दाल रोटी प आ जाए सो बेटर है दाल रोटी मूलभूत आवश्यकता है लेकिन आप जिस तरह के हम संसार में रहते हैं मैं संसारी बात कर रही हूं अभी तो जो आप बोलोगे शब्द ब्रह्म है जो आप सोचोगे दैट यू बिकम तो इसको टेक्नीक को यूज करिए ना टेक्नीक तो रखिए हमारे पास ऑलरेडी है यूज इट सोच से लेकिन मजाक में भी फिर यह मत बोलिए कि अरे भैया क्या पता नहीं भगवान हमारी कब सुनेगा हमारे हमने कुछ ज्यादा कर रखा है भगवान हमारे साथ ही ऐसा करते नहीं नो आप अपने साथ ऐसा कर रहे हो यह बोल बोल के यह सोच सोच के कुछ लोगों को आपने देखा होगा बड़े कंजूस टाइप होते हैं इनके हाथ से चमड़ी जाए दमड़ी ना जाए वाले लोग होते हैं अल्टीमेटली यही होता है इनकी चमड़ी गल जाती है फिर पैसा सारा बीमारी में चला जाता है इतनी कंजूसी रहती कि दान होता नहीं इनसे रोते रहते हैं हमेशा है ही नहीं जी हमारे पास है ही नहीं जी हमारे पास एक दिन अल्टीमेटली ऐसा आता है कि इनके पास नहीं होता और बीमारी लग जाती है इनके पीछे दान पु इन्होने कुछ किया नहीं होता इनसे होता नहीं है बीमारी इनके पीछे लग की इनके शरीर को खोकला कर देती है और इसीलिए दान का महत्व बताया गया कि दान क्यों करना चाहिए इससे आपकी लक्ष्मी शुद्ध होती रहती है अपनी चीजों को स्वयं जो आप चाहते हैं फिर फोकस्ड रहे दिल से उस पर फोकस रहे मुझे चाहिए मुझे बहुत सी चीजें चाहिए थी मैं पीछे लगी मैं दिमाग में सिर्फ रखती थी मुझे यह चाहिए मुझे यह करना है यह मेरा गोल है गोल निर्धारित करना लक्ष्य लक्ष्य निर्धारित करना बहुत आवश्यक है अर्जुन ने लक्ष्य निर्धारित किया था मछली की आंख वो फोकस था इसीलिए उसकी इच्छा पूरी होती थी जो व्यक्ति फोकस्ड होगा अचीवमेंट जो उसे चाहिए जो अचीव करना चाहता है उसके लिए फोकस्ड रहेगा वो प्राप्त करेगा भगवान ने हम सभी के हाथ में वो शक्ति दी है हम सभी मैजिशियन है अपनी लाइफ के अब हम कैसा मैजिक करते हैं कैसी वंड घुमाते हैं अपने पे और अपनी लाइफ पे अब ये तो भैया हम दूसरे को नहीं फिर कह सकते ना हमने अपने प वंड घुमाई है तो यस आपको पता है मैंने शायद बताया था जब यहां पर व डॉग वाला एक मैटर हुआ था और उससे पहले मैं दो साधना में गई थी एक जिसमें बीच में चोरी हो गई थी उससे पहले वाली एक 15 दिन की मेरी साधना थी वह कंप्लीट हुई थी तो जब मैं उस साधना के दौरान थी तभी मुझे एक स्वप्न आया जो इस कॉटेज के लैंड लेडी है व मुझे सपने में आई उन्होंने मुझे कहा सपने में और आपने मेरे सपने अक्सर देखे हैं जो लोग पहले से जुड़े हैं वो तो जानते हैं लेकिन अक्सर मैं अपने स्वप्न इनमें डालती हूं और मेरे स्वप्न सियर्स कहा जाता है वो भगवान की कृपा से वो भगवान ने मेरा चैनल ओपन किया बचपन में तो मुझे वो सपना आया कि वो आई मैं एग्जैक्ट मैंने उनको ये चीज बाद में मेरी साथ क्योंकि साधना को चार दिन हुए थे शुरू हुए और यह स्वप्न आया मुझे तो जब वो उसमें उन्होंने मुझे आकर बोला कि आप यह कॉटेज खाली कर दीजिए कुछ नहीं बोला बहुत ब्लैंक फेस आई वो और उन्होने बोला कॉटेज खाली कर दीजिए हमारा तो मैं नीचे झाड़ू लगा रही थी हॉल में और मैंने बोला इस तरह से मैंने उनकी तरफ देखा बस इतना सपना आया बट मैं क्योंकि साधना काल में मोस्टली जब मेरी साधनाएं कुछ होती हैं उनमें मैं किसी से भी बात नहीं करती तो मैंने उस समय मैंने ब्रेक भी लिया था यहां भी ब्रेक लिया था फु पर और और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर भी ब्रेक लिया था क्योंकि बड़ी साधना थी वो कोई मैंने जब वो साधना खत्म हुई तो मैंने फोन करके ये पूछा मैंने कहा कुछ तो चल रहा है कुछ तो है नहीं तो मुझे ये स्वपन नहीं आता और मुझे हमेशा भान हो जाता था जब उनको मैंने ये बहुत बार बोली गांव में ऐसा कुछ चल रहा है कुछ षड्यंत्र जैसा क्योंकि पता चलती है आपको ना वाइब मिलने लगती है किसी चीज की और ये चार साल में बहुत बार मैंने उनसे यह बात की है और बहुत चीजें सामने आई हैं आज क्या 27 तारीख है अरे भैया आज मुझे यहां चार साल हो गए एज्ट पहली बार मैं 27 को आई थी य बधाई हो शिवानी दुर्गा चार साल निकाल लिए इधर थैंक यू यूनिवर्स तो जब उनसे य बात की मैंने फोन पर तो उन्होंने मना कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं है मैंने कहा डेफिनेटली कुछ है डेफिनेटली कुछ है उसके बाद खैर बात आई गई होगी उसके दो-तीन दिन बाद ही शायद मुझे दूसरी साधना शुरू करनी थी वह शुरू किए हुए तीन चार ही दिन हुए थे वह चोरी वाला मैटर हो गया और उसके बाद फाइनली वह सब पंगे हुए डॉग का बहाना हुआ या डॉग का मैटर हुआ या जो भी आप उसे बोले इससे पहले भी बहुत बारे सपने आए उनके बारे में उनको बताया और वह हुआ तो यहां पर वो मैटर हो गया फाइनली इनडायरेक्टली उन्होंने मुझे बोला जो ल ओनर है लैंड लर्ड संसारी वर्ड है य दुनियाय दुकानदारी है सभी किराए पर रह रहे हैं खैर उन्होंने इनडायरेक्टली मुझे आकर के यह बोला कि आप मुझे इतनी हंसी आई क्योंकि यह चीज मुझे पता थी मैंने उन मैंने बोला वो आए व अब लिहाज से या किसी से भी बोल नहीं पा रहे थे तो मैंने क खाली करने के लिए बोलने आए हो यही बोलना है आप तीनों को तीनों आए थे वहां पर जो कैफे है गुरुकुल है यह है यह खाली करने के लिए बोले आए बो नहीं जी आपको भी परेशानी हो रही है यहां पर और गांव वालों को भी डॉग से परेशानी हो रही है मैंने कहा डॉग से परेशानी नहीं है डॉग तो बहाना है डॉग तो इतने सारे आए सीजन में बाहर से क्या हो गया क्या डॉग का तो बहाना था पर मुझे बहुत हंसी आईने कहा ठीक है देखते हैं उसके बाद आप लोग जानते हो चीज तो क्या होता है मैं यहां जैसे मैं आना नहीं चाहती थी मैं हां नेचर में मैं जाना चाहती थी आई वास मेनिफेस्टिंग नेचर रिवर माउंटेंस ग्रीनरी एंड अ कॉटेज दिस आई वास मेनिफेस्टिंग सिंस एजेस बट ऋषिकेश दिमाग में था या हरि हरेश्वर दिमाग में था मेरे वहा हमने पता भी किया था काफी बट हरि हरेश्वर में जो प्रॉपर्टी मुझे पसंद थी वो लिटिगेशन में थी ब्यूटीफुल प्रॉपर्टी एकदम बीच के पास समुंदर के एकदम किनारे वो लिटिगेशन में थी इस वजह व और उसके पीछे में बहुत सालों से पड़ी थी फिर जो ह ऋषिकेश में थोड़ा मुझे कमर्शियल ज्यादा लगा इनका पीसफुल है नहीं है पता नहीं और महंगा आउट ऑफ बजट भी था बहुत ही ज्यादा महंगा लगा मुझे तो आईडिया ड्रॉप कर रखा था कि ठीक है देखेंगे फिर एक मिल रहा था ऋषिकेश में एक कॉटेज मिल रहा था जो बजट में था वो देखने के लिए जाना था बट वो होनी को कुछ और मंजूर था 2020 में सचिन के साथ घटना हो गई दुर्घटना और वहां से वह मैटर ही बदल गया और फिर एग्जैक्ट नाइन मंथ्स के बाद मतलब 27 सितंबर को मैं देखने के लिए यहां पहुंची थी सुबह और 3 अक्टूबर को यहां पर अटल टनल का उस साल उद्घाटन था और उस दिन मैं यहां से वापस गई नोएडा 13 को बोल के गई थी लेकिन मैंने कहा अब मुझे रुकना नहीं क्योंकि मैं यहां आकर के एकदम मेरा न सान महीने जो वो कहते हैं ना एक डिप्रेसिव मोड में थी वो सडन थोड़ा सा यहां आ करके बेटर हुआ तो नेचर हील्स यू नेचर मुझे बुला रही थी तो मैं आना नहीं चाहती थी मुझे कुदरत यहां लाई है कोई पूर्व जन्म का प्रारब्ध मुझे यहां लाया है तो अगर मुझे प्रारब्ध लाया है तो किसी मनुष्य में ताकत कि मुझे यहां से हा ईश्वर सारा कुछ उनके हाथ में है मैं उनका यह मानती हूं ऑर्डर उनका सुनती हूं मनुष्यों के नहीं सुनती मैं किसी के अगर वह मुझे कहता है मुझे यहां लगता है कोई चीज कि हां ठीक है यह करना है आई डू ट नहीं तो मजा ले मुझे कोई कोई चीज मनवा जाए मेरे से तो डेस्टिनी मुझे यहां ले आई डेस्टिनी ने मुझे तांत्रिक अ घोरी बनाया मैं तो संगीतकार बनना चाहती थी उसी परिवार से थी टीचिंग के गुण मेरे अंदर हैं क्योंकि वह मुझे मेरे माता-पिता से मिला है वह मेरे ब्लड में है संगीत मेरे ब्लड में है तो कहानी कहां से कहां मुड़ गई मेनिफेस्टेशन को लेकर के तो तीन तारीख आएगी 3 अक्टूबर आएगा तो 3 अक्टूबर से इस बार जो है 3 अक्टूबर को है इस बार नवरात्रि शुरू हो रही है और अटल टनल को चार साल हो जाएंगे मतलब मेरे साथ-साथ हम दोनों की जो यहां की आयु है वह चा साल है अटल टनल की भी और मेरी भी चार हो गए हम तीन 3 अक्टूबर को वो हो जाएगा मैं 27 को फिर मैं 8 तारीख को 8 अक्टूबर को यहां शिफ्ट हो गई थी 8 जनवरी को सचिन गया एग्जैक्ट 8 अक्टूबर एग्जैक्ट नाइन मंथ्स के बाद जैसे मे नया जन्म हुआ यहां और व नाइन मंथ्स का जो चर्निंग पीरियड था ट आई ओनली नो व्ट इट वाज हाउ ह नॉट हॉरिबल इट वास पेनफुल वेरी पेनफुल ट ट्रामा प पोस्ट ट्रामा जो सिमटम्स थे मेरे वो भी बहुत लंबे समय तक रहे लास्ट ईयर खाली जून में जाकर मेरा हीलिंग प्रॉपर हुआ मलब मुझे इट टूक थ एंड हाफ यर्स मुझे पूरा हील इस चीज से बाहर आने में इट्स लॉन्ग पीरियड बहुत समय होता है साढ़े तीन साल का हीलिंग का तो अभी जो है आज डिले हो सकती है चीजें च इ ओके क्योंकि कभी-कभी डिले हो जाना चीज ठीक है जी आचार्य हिमांशु जी जी जी मैं अभी बस लाइव खत्म करूंगी क्योंकि मेरा था थोड़ा सा वो डिस्कशन करें कभी-कभी ऐसा लगता है ना कि अरे यह सॉन्ग फिल्मी है लेकिन कुछ सॉन् जो होते हैं व दार्शनिक होते हैं उस मुझे मुझे कोई मैसेज अगर किसी सॉन्ग में जैसे इसमें मुझे मिल गया बटोहिया जो है मुझे वह लगा हमारी चेतना है हमें बारबार समझाती रहती है तुम्हारी सही दिशा यह है पर शरीर रूपी जो हमारा मन है ना शरीर के अंदर एक वो हमें नहीं नहीं पहले ये कर लेते हैं भगवान का नाम तो ले ही लेंगे यही मेंटालिटी तो रही है हमारी कि अरे बच्चा अभी तू तो बहुत जवान है तेरे को छोटा है तू तो क्या जरूरत है भगवान का नाम तो बुढ़ापे में लिया जाता है अरे भैया जिसकी प्रैक्टिस जवानी में और बचपन में नहीं की तो बुढ़ापे में कैसे प्रैक्टिस पूरे जीवन जो करोगे वो बुढ़ापे में अपना असर छोड़ेगा बुढ़ापे में वही करोगे जिसकी प्रैक्टिस पूरे जीवन की है तो प्रैक्टिस तो य भैया जन्मों जन्मों की है तब जाकर के भगवान का नाम स्मरण रहता है बुढ़ापे में कहां कफ भर जाता है कंठ में कान से ठीक से सुनाई नहीं देता आंखों से ठीक से दिखाई नहीं देता जबान से बोला नहीं जाता बोले तो किसी को समझ नहीं आता दिमाग ठीक से काम नहीं करता मेमोरी धीरे-धीरे वीक होने लगती है शरीर में जान नहीं होती यात्रा कर सकते हैं कब करोगे भैया भगवान का नाम कब जपोगे ईश्वर से मतलब अपने से कब जुड़ होगे अपने से जुड़े ही नहीं जब स्वयं से ही नहीं जुड़ पाए तो उससे कैसे जुड़ होगे उससे जुड़ने के लिए अपनी आत्मा से जुड़ना जरूरी है ना पहले पहले यहां से जुड़ेंगे तो वह रास्ता खुलेगा गेट खुलेगा भजन रूपी नाम रूपी चाबी को उस ताले में लगाएंगे आत्मा वाले तब वह खुलेगा रास्ता तब ईश्वर के पास पहुंचेंगे ना नाम जपन क्यों छोड़ दिया तूने नाम जपन क्यों छोड़ दिया क्रोध ना छोड़ा झूठ ना छोड़ा सत्य वचन क्यों छोड़ दिया नाम जपन क्यों छोड़ दिया झूठे जग में बचपन में गाते थे भजन झूठे जग में हृदय भरमा के ऐसा कुछ है याद नहीं है यह वाला यह देखिए प्रकाश चंद सिंघर बात कहां कर रहे हो मेरी शादी कब होगी मेरी शादी होगी कब होगी क्या यहां पर शायद तुम्हारी शादी की बात कर देते हैं बहुत सारे मतलब ये तुम्हारा ब्यूरो है ये प्रकाश सिंगर ब्यूरो नहीं है ना मैरिज ब्यूरो की तुम यहां आओ पूछो मेरी शादी कब होगी जब हमें इतना भी भान ना हो कि हमें कहां क्या बोलना है क्या पूछना है किससे बाकी चीजें बहुत दूर है ये आज का कार्ड है डिले कुछ हो रहा है होने दीजिए फेवर में रहेगा कोई चीज के पीछे भागि मत जबरदस्ती मत कीजिएगा इसे आज करने की आराम से कीजिएगा समय है अभी न तारीख से जब नवरात्रि शुरू होंगी तब कीजिएगा अच्छा मुझे मेपल ट्री स्पेल आपको मेपल लीफ स्पेल आपको बताना है तो मैं देखती हूं शाम तक प्रयास करूंगी बता सक अथ मदर जस्ट सरेंडर योरसेल्फ आज के लिए एकदम सही मैसेज है मदर अर्थ आज के लिए मैसेज यह है कि आज सरेंडर करो मदर अर्थ को ऑफिस दो अगर आपके आसपास नदी है समुंदर है एक चक्कर मार के आओ कुछ ऑफि छोड़ के आओ उसमें कुछ पैसे डाल के आओ मतलब सिक्के कुछ मिठाई ले जाओ फल ले जाओ मिठाइयों में तो आजकल मिलावट है फल ले जाओ फलों में भी मिलावट है स्वयं को ले जाओ यहां आत्मा से शुद्ध होकर चले जाओ जस्ट सरेंडर मट्टी में पैर थोड़े से वहां पर आज मट्टी में पैरों को चलाओ उ धरती के साथ जुड़ आज के दिन पृथ्वी के साथ जुड़ तो अच्छा लगेगा हीलिंग होगी और रिलीज भी हो जाएंगी बहुत सारी नकारात्मक ऊर्जा एं हम अब्जॉर्ब जो कर लेते हैं वह पृथ्वी में नंगे पांव चलने से वह अपने अंदर खींच लेती हैं करके देखिएगा जस्ट सरेंडर योरसेल्फ सब अच्छा होगा यू हैव अ वंडरफुल डे बहुत अच्छा आपका दिन बीते शुभ बीते हर हर महादेव जय भवानी जय अखंड भारत जय हिंदू राष्ट्र

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हर हर महादेव आप सभी को होली का दहन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आज मध्य रात्रि में मुहूर्त है 12:30 बजे के बाद से तो पूजा जो है उसी समय की जाए...