Thursday, 5 February 2026

प्रकृति का प्रकोप या श्राप

कि हर महादेव मैं आपको मैं इतना लंबा रास्ता वहां से तय करके आ रही हूं थे लेकिन रास्ते में इतना मैंने अभी डायमंड कभी नहीं देखा कि नीचे है इस सफर मेरी आंखों से मैंने कभी नहीं देखा टीवी पर देखा है वह सब चीजें ठीक है लेकिन मेरी आंखों से देख रहे हैं कि पिछले साल यह जो साइकिल और आया था हरिहरेश्वर मतलब यह पूरा ड्रीम प्लेस मैंने देखा है मैंने कभी भी सूखी घास नहीं देखी कभी तरह का इसको इस तरह से नहीं देखा जिस तरह हम इसको देख रहे हो हर जगह पेड़ जड़ से उखड़ के पड़े हुए हैं और रुक इतना लंबा रास्ता तय करके इन दोनों तरफ मैं इस लेस को रिकॉर्ड तोड़ेंगे उसमें पर सभी नेशनल लाइट चली जाएगी यह मौका नहीं मिलेगा मुझे मैं आपको दिखाना चाहती हैं जो प्रकृति अपना प्रकोप दिखाते हैं तो किस तरह से दिखा दिया कि फिल्मों पेड़ काटते हैं अब मैं आपको बताती हूं साइंटिस्ट जो है है या बेटी गाड़ी बंद कर दी थोड़ी देर के लिए हैं कि यह देखिए साइंटिस्ट अबी रिसर्च और उनका जो एक रिपोर्ट आई है उसके हिसाब से अब पृथ्वी लिस्ट अब इस समय पर जितनी अंदर से ही चिढ़ है और उतनी पिछले अरबो सालो में नहीं थी लाखों सालों में कम से कम नहीं थी या नेट पर भी चैक कर सकते हैं यह देखिए ठीक है उतनी ही तरफ पृथ्वी में नहीं थी और अभी अगर है तो उसका एक रीजन है यह देखिए आप देख रहे पूरा डैमेज हुआ पड़ा पूरा स्केलेटन रेगुलरली यहां पर वह पीछे देखिए कि यह पूरा स्केलेटिन यहां पर है गया कभी नहीं दे रहा है तब पुलिस ने उस अतिथि थे ब्रिटिश में पड़े हुए खुली जगह से हरियाली गायब ढेर हो गया है सब जैसे उम्र 358 लिए कि हमको सबक सिखाते ही रहेंगी वह है जहां भी देख रहे हैं कितना वर्कर क्या हैं को पूरा लेकिन पेड़ उखड़े हुए हर जगह सूखा सूखा घाघरे मेरे पुराने वीडियो पूरा हरिहरेश्वर ग्रीन है यहां पर झड़ना हुआ करता था वह सूख गया है एक पोखर होता था उसमें पानी की वजह पूरा सूखा खा सकते हैं आप इस तरह से पूरी जगह की हालत है लोग काट कर लकड़ी यहां से हट रही है मतलब को काट-काट हटाएंगे और आपके पास कोई ऑप्शन नहीं है आप उसी तरह से इसको हटाओगे पूरा अ कि यह बड़ी फिल्म पूरी जड़ों से उखाड़ करके निकलें रास्ते में पड़े हुए होंगे कि ऊपर तक अभी कृपा डैमेज हुआ है उन्हें पेड़ से सूख गए हैं इतना डैमेज है कि पेड़ सूख गए हैं थे प्रेजेंट तो मैं आपको बता दूं कि साइंस और साइंटिस्ट ने यह कहा कि उनका कहना है कि इतना पृथ्वी कभी गर्म नहीं हुई अंदर से जितनी अब है वैसे भी हमें पता है कि औरत का जो मिड पॉइंट है वह बहुत ज्यादा गर्म है जहां से वह लव आफ है है उसको कंट्रोल करते हैं यह पेड़ उस पॉइंट को अर्थ की जो मेन पॉइंट है जो पॉइंट है यह पॉइंट है यह कह सकते हैं जहां हो जाता है तो कि वह कि जो है में बहुत ज्यादा गर्म है और उस गर्माहट को उसकी पीठ को कंट्रोल यह पेड़ ही करते हैं हम क्यों यह सब झेल रहा है कि इतना सब प्राकृतिक आपदाएं क्यों आ रहे हैं वह इसीलिए आ रहे हैं क्योंकि अंदर से पृथ्वी बहुत क्रोधित है हमने उसको बहुत डैमेज किया है यह पेड़ इनकी जड़ें हरियाली उसको जो है ठंडक रख ठंडा रखती है जिससे वह कंट्रोल जो हमारा एनवायरनमेंट है वह कंट्रोल में रहता है जो इको सिस्टम है वह कंट्रोल में रहता है तो जब Bigg Boss सिस्टम को हम लोगों ने डैमेज किया अपने स्वार्थ के लिए है तो यह होना ही था फिर उसके ऊपर में प्रकृति का अपना एक तरीका है हमें समझाने का बताने का जूस ने बताना शुरू किया लेकिन फिर भी हम समझ नहीं रहे हैं आप मैडम जी के इशारे पेड़ चले जाएं है तो इनके बिना हम क्या है खाली सोचिए कितना इमेजिन कर सकते हैं आप इमेजिनेशन कहां तक जा सकती वहां की जा सकती है सिर्फ यह सोचकर देखिए अगर यह पेड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं अगर यह सारे पेड़ से हट जाएं और कंक्रीट हो जाए तो हमारा क्या होगा हम लोग कहां है के नीचे से बड़े हैं हम आप देख रहे हैं मुझे देखकर इतना दुख हो रहा है और मैं कुछ नहीं कर सकती मेरी औकात क्या है मैं कुछ कर सकूं हम सबको मिलकर हम एक पेड़ अगर कांटे तो कम से कम पांच पेड़ उसके बदले में हमें लगाने चाहिए और गवर्नमेंट को भी ऐसी किसी जगह पर और कंक्रीट का जंगल बनाने की आज्ञा ही नहीं देनी चाहिए पैसे के लालच में अपनी कब्र खुद खोद रहे हैं हम लोग हैं का पैसा हमारे साथ नहीं जाने वाला है जितना आवश्यकता है उतना है तो बहुत है उसे थोड़ा अजय लेकिन कितना आप देख रहे हैं क्या हालत है कि कि वह मेरा आप सभी से अनुरोध है कि प्लीज अगर आप एक पेड़ काटे तो पांच लगाएं उसके बजाय ताकि हमारी जो पृथ्वी है मुझको इतना क्रोधित है उसको हम थोड़ा शांत कर सकें अ

No comments:

Post a Comment

होलिका दहन की शुभकामनाएँ । होली का टोटका

हर हर महादेव आप सभी को होली का दहन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आज मध्य रात्रि में मुहूर्त है 12:30 बजे के बाद से तो पूजा जो है उसी समय की जाए...