Friday, 6 February 2026

सनातन सरस है नीरस नहीं

ह हर महादेव कल मैं बैरा गई थी मुझे अपना सेप्टम रिंग चेंज करना था तो बहुत सालों के बाद मैंने सोचा इसे चेंज कर देती हूं क्योंकि वो छोटा था उससे मुझे तकलीफ होती थी कभी-कभी तो मैंने इसे चेंज कर दिया और जिस दुकान में मैं थी जिस दुकान में मैं यह लेने के लिए गई थी पुरानी जानकार दुकान है तो वहां गई थी तो वहां पर एक महिला मिल गई जिन्होंने अपना नाम मेहर सद बताया डरा में ही रहती है वो और उन्होंने मेरे जटा के बारे में पूछा कि मेरी जटा असली है या नकली है तो मैंने बोला असली है तो बोले कि आप इसको फिर उन्होंने दो चार प्रश्न किए तो मुझे उन्हें बताना पड़ा कि मैं अब गृहस्थ में नहीं हूं और मैं चली गई हूं तो उन्होंने मुझे कटाक्ष करना शुरू कर दिया कि जब आपने गृहस्थ छोड़ दिया तो यह सब करने की क्या जरूरत है मतलब आपका तो मोह अटका हुआ है इन सब चीजों में इन सब चीजों में क्यों हैं आप वो मैं भी सूफी हूं देखिए मैंने तो कुछ नहीं पहना है अ तो मैंने बोला यह जो लड़की आपके साथ आई है बोली मेरी बेटी है मैंने कहा आप सूफी है तो अपनी बेटी के साथ में कैसे हैं बोली नहीं मेरे बच्चे घर से बाहर भी नहीं निकलते घर के अंदर ही रहते हैं मैंने कहा इसका मतलब आप उन्हें कंट्रोल करती है आप कंट्रोलिंग है बहुत ज्यादा अपने बच्चों को लेकर के तो ये शायद उन्हें अखर गई बात फिर मैंने कहा अच्छा चलिए एक काम करते हैं लाइव चलते हैं डिबेट में और आप मुझे अपने धर्म के बारे में बताइए मैं आपको अपने धर्म के बारे में बताती हूं और आपके भी धर्म के बारे में कुछ जानकारी मुझे है वो बताऊंगी वो नहीं आई लाइव फटाक से उन्होंने अपना मुंह ढक लिया मास्क पहन लिया फिर मैंने उन्हें कहा कि आपकी कुरान के हिसाब से तो आपने जो वस्त्र पहने यह भी आप नहीं पहन सकती अगर आप सूफी है तो क्योंकि यह हराम है उसमें और जो आप यह करवाने आई है अपनी बिटिया के लिए यह भी नहीं कर सकती मैंने कहा लेकिन आपके कान में छिद्र जरूर है आप इसका मतलब कभी ना कभी जरूर पहनती है ये सब चीजें यहां नहीं पहन के आई बाल अलग है लेकिन आप पहनती जरूर है क्योंकि काफी सारे छेद है आपके कान में तो वो बोली कि नहीं मैं कुछ नहीं पहनती हूं मैंने सब त्याग दिया है मैंने कहा फिर भी आप आ सकते हैं फिर भी आप अटकी हुई हैं मैंने कहा सन्यास का अर्थ होता है स्व के साथ जुड़ना और अपने धर्म के प्रति वफादार ईमानदार रहना सन्यास का अर्थ यह नहीं कि आप मोह और अटें सॉरी अटैचमेंट और कनेक्शन में बहुत फर्क है मोह नहीं होना चाहिए किसी भी चीज का आप इस संसार में संसार से अलग नहीं हो रहना आपको पृथ्वी के ऊपर ही है आज जंगलों में भी चले जाओ तो नेटवर्क वहां मिलता ही है आपको ठीक है जंगलों में भी चले जाओ तो आपको आना ही पड़ेगा समाज के अंदर भोजन की प्राप्ति के लिए किसी भी चीज की प्राप्ति के लिए और मैंने कहा हमारा धर्म जो है ना वो नीरस नहीं है उसमें बहुत रस है हमारे भगवान श्रृंगार करते हैं और वह हमारे माता-पिता हैं इसके लिए हम भी श्रृंगार करते हैं अपने माता-पिता को ही हम फॉलो करते हैं और हर बच्चे को माता-पिता को फॉलो करना चाहिए मैंने हो सकता है आपके धर्म में ऐसा ना हो लेकिन हमारे धर्म में हम अपने माता-पिता को फॉलो करते हैं जो बहुत रिच है हर हर महादेव जय भवानी जय खंड भारत जय हिंदू राष्ट्र

No comments:

Post a Comment

होलिका दहन की शुभकामनाएँ । होली का टोटका

हर हर महादेव आप सभी को होली का दहन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आज मध्य रात्रि में मुहूर्त है 12:30 बजे के बाद से तो पूजा जो है उसी समय की जाए...