Friday, 6 February 2026

सुरा एवं मांस का तंत्र में प्रयोग पार्ट -1

हर हर महादेव कुछ इंपॉर्टेंट डिस्कस करने के लिए मैं आ गई क्योंकि अभी नवरात्रि शुरू होने वाली है और आंख में लाइट पड़ रही है इसरी आंख ऐसी हो रही है तो हालांकि मेपल लीफ का स्पेल मुझे लाना था लेकिन वो मैं अभी नहीं ला पा रही हूं लेकिन कुछ इंपॉर्टेंट मैं आपको बताऊंगी जिसको लेकर के बहुत कंट्रोवर्शियल रहा है हमेशा शैलजा हर हर महादेव बेटा जिसे लेकर की यह यह कंट्रोवर्शियल मैटर रहा है और है रहा है है तो मैं आपको पूरा पढ़ के सुनाती हूं महानिर्वाण तंत्र में षष्ठ उल्लास मतलब छटा उल्लास जो छटा सिक्सथ चैप्टर जो है उसका उसमें इसका उल्लेख मिलता है जिसमें जैसा कि कई लोग कहते हैं ना क्योंकि जो वैष्णव है वह शैव या शक्त को जो है सुनाते हैं ठीक है जो नए नए वैष्णव बनते हैं वो शाक्त को को सुनाते हैं बातें लेकिन जो व्यस्क हो चुके हैं इसमें और वैष्ण विजम में वह उन्हें पता है भेद जो व्यस्क वैष्णव जज से नहीं ज्ञान से जो व्यस्क होगा वह इस बारे में कभी जो है निंदा नहीं करेगा क्योंकि शास्त्र हमें बहुत सी चीजों के बारे में बताते हैं अब महा तंत्र के अंदर इतना इंपोर्टेंट डिस्कशन एक ही चैप्टर के अंदर है यह दो ही चीजें मैं डिस्कस करूंगी क्योंकि दोनों कंट्रोवर्शियल बहुत से लोग कहते हैं कि मदिरा जो है देवी को कहां चढ़ाई जाती है कहां लिखा है मदिरा चढ़ाना चाहिए सुरा मदिरा सुरा लेकर या आप क्या बोलते हैं जो भी इंग्लिश लिक्विड और मास भगवान दे कौन से ऐसे देव हैं जो बलि लेते हैं कोई भी देव कोई मां अपने बच्चों को मार नहीं सकती मृत्यु तो तब भी होनी है मृत्यु तो है ही मृत्यु के साथ उसको जोड़ा नहीं जा सकता कि आप बच्चों को क्यों इसका मतलब फिर तो भगवान को मृत्यु भी नहीं देनी चाहिए किसी को मृत्यु होनी नहीं चाहिए किसी की रात को सपने बहुत ओके तो लेट्स कम टू दिस यह भगवती और महादेव का संवाद है इसमें चल रहा है तो श्री देवी ने पूछा कि हे नाथ आपने पूजना कर्म के लिए पांच तत्वों का उल्लेख किया है इस समय मुझ पर यदि आपकी कृपा हो तो पंच तत्त्वों का विशेष वर्णन कीजिए मतलब लेबोरेटरी सदाशिव ने कहा कि उत्तम सुरा तीन प्रकार की होती है सुरा ध्यान से इसे सुनिए इस पर मनन चिंतन कीजिए बजाय कि मैं वैष्णव हूं इसके लिए मैं इस पर कटाक्ष कर सकता हूं या मैं शाक्त और पर कटाक्ष कर सकता हूं या मैं नहीं करता हूं सुरा पान या मैं नहीं मास भक्षण करता हूं तो मैं इस पर कटाक्ष कर सकता हूं नो वन गट द राइट ओके तो श्री सदाशिव ने कहा कि उत्तम सुरा तीन प्रकार की होती है पहली गौड़ी दूसरी पष्ट और तीसरी माधवी सुरा ताड़ और खजूर से विविध प्रकार से बनाई जाती है देश भेद और द्रव्य भेद से सुरा अनेक प्रकार की होती है सभी सुरा देवी पूजन के लिए प्रशस्त मानी गई है सुरा किसी रूप में सम उत्पन्न हो किसी के द्वारा लाई गई हो मतलब जैसे कि कई लोग चावल की व बनाते हैं जौकी बनाते हैं तो स्व खुद बनाई गई हो या किसी के द्वारा गई हो शोधित होने पर सभी सिद्धियां प्रदान करती है सुरा के संबंध में जाति का विचार नहीं किया जाता जाति मतलब अब यहां पर मनुष्य वाली जाति नहीं है सुरा में जो जातियां होती हैं खजूर वाली सुरा जौ वाली सुरा गेहूं की सुरा वो जाति भेद है यहां पर मांस के प्रकार मैं ये दो ही पढ़ूंगी क्योंकि इन दोनों को लेकर के बहुत कंट्रोवर्सी है ना कहां लिखा है कहां लिखा है मैंने कहा आज चलो बताते हैं इस बारे में अक्षरशः बता रही हूं मैं मांस तीन प्रकार का होता है एक जलचर का मांस दूसरा भूचर का मांस और तीसरा खेचर का मांस मांस किसी स्थान से आया हो किसी के द्वारा लाया गया हो वह सभी देवों को प्रसन्नता प्रदायक होता है फिर दोबारा बोल द सभी देवों को प्रसन्नता प्रदायक होता है इसमें संदेह नहीं करना चाहिए देवता को देई वस्तु के संबंध में साधक की इच्छा ही प्रधान है जो वस्तु अपने को मतलब स्वयं को प्रिय हो वही इष्ट देवता को दी जाती है हे देवी बलिदान में नर पशु ही विहित है मतलब केवल नर मतलब मेल एनी मेल स्पीस महादेव का शासन है कि मादा पशु की हत्या नहीं करनी चाहिए अब यह बेसिक मुझे आप लोगों को पढ़ के सुनाना था पुस्तक से ठीक है क्योंकि यह अक्सर इस बारे में चर्चा होती है और हमें भी सुनना पड़ता रहा हालाकि उदाहरण दे दो तब भी सुनते ही हैं लेकिन फिर भी मैंने कहा य छोटा सा एक मैं कर लेती हूं और यह दो ही बताती हूं आपको अब आप मनन चिंतन करिए इसके ऊपर जो आपको प्रिय है वस्तु वही अर्पित की जाती है आपको पता है मुंबई में मैं जब शुरू शुरू में गई तो श्राद्ध के समय में वहां पर बहुत से ऐसे ब्राह्मण है जो मानसा हार करते हैं व इस ब्राह्मण मतलब व पंडित जो होते हैं जो श्राद्ध की पूजा कराते हैं शुरू शुरू में मुझे जब मैंने वहां देखा तो मुझे बड़ा आश्चर्य मैंने क श्रा चल रहे मानर कर रहे तो बोले कि इनके पिताजी जो जा चुके हैं जिनके लिए श्राद कर रहे हैं वो मांसाहारी थे तो जो गया व्यक्ति उसको जो पसंद था हमें देना वही होता है तो सेम रूल आ गया यहां पर क्या मांस सभी देवों को प्रिय है संदीप जोशी जी संदीप जोशी जी खुद उत्तर थोड़ा सा ढूंढिए मैंने मेरा मेन था मैं दो यह पढ़ के सुनाऊ जो मैंने पढ़कर सुना दिए भगवान शिव ने सती से सिर्फ यह लिखा है उसमें कि देवताओं को तो देवता लिखा है उसमें उन्होंने नहीं किया यहां पर तो अब यह कंट्रोवर्शियल है लेकिन कंट्रोवर्शियल क्यों है जब दूसरे धर्म के लोग धर्म के नाम पर बलियां देते हैं उसका जो फैट निकलता है या स्किन निकलती है उसको व जाकर के जमुना में डाल आते या जहां भी नदी मिलती है हमारी नदियों को दूषित करते हैं वह लोग उस पर किसी की आवाज नहीं उठती लेकिन अगर हिंदू कर रहा हो सनातनी ही सनातनी को काटने तैयार हो जाता है तंत्र शास्त्र हमारे इसमें एक बहुत बड़ी विधा है तंत्र के बिना आपका जीवन संभव नहीं है भले ही आप अपने आप को कुछ भी मान ले आदित्य जी यह है महानिर्वाण त आप स्वयं भी मंगाकर पढ़ सकते हैं और महानिर्वाण तंत्र को उच्च माना गया है मतलब सर्वोत्तम माना गया है तो अब यह कैसे मतलब यह हम जज करने वाले यहां पर कौन हो जाते हैं फिर हु वी आर कौन है हम लोग ये जज करने वाले कि देवताओं को जो है यह नहीं चढ़ता उग्र रूप में जो भी पूजा होती हैं उनमें मांस और मदिरा दोनों का और सबसे इसका प्रत्यक्ष जो उदाहरण है वो उज्जैन में काल भैरव मंदिर है और तारापीठ में तारापीठ का महा शमशान है वहां मदिरा चढ़ाई जाती है जो हवन होता है वहां पर मदिरा उसमें डाली जाती है डालनी ही पड़ती है अब आप जाकर के उनको पकड़ोगे कि तुम गलत कर रहे हो सनातन को भ्रष्ट कर रहे हो यह बोलोगे आप लोग जाकर के क्योंकि आप नहीं करते तो इसके लिए जो दूसरे अगर कर रहे हैं और वह शास्त्रोक्त कर रहे हैं तो वो गलत हो जाते हैं तो ये तो फिर इसको बोलते हैं कांट्रडिक्ट्री मतलब एक तरफ आप सनातन की बात करते हो लेकिन फिर जब सनातन में यह सब बातें आती है तो आप इसे एक्सेप्ट नहीं करना चाहते वई आप नहीं करते ठीक है कोई एक व्यक्ति नहीं कर रहा है मान लीजिए आप नहीं करते ठीक है इट्स ओके लेकिन तंत्र में इसका उल्लेख है यह मैंने एक उदाहरण दिया है बहुत है ऐसे बहुत सारी पुस्तको में उल्लेख है तो हमारे क्षत्रिय राजा कितने हुए जिनके उल्लेख है कि वह जाने से पहले देवी की पूजा करते थे और देवी पूजा में बलि अनिवार्य है अब आएंगे ना कुछ यहां पर आप बली को सपोर्ट करती हो तो इसका मतलब आप बली को सपोर्ट करती हो भाई मैं तो शास्त्र के अनुसार सपोर्ट करती हूं आप आप नहीं करते इसका मतलब आप शास्त्र को सपोर्ट नहीं करते जैसे पहले लोग तंत्र को सपोर्ट नहीं करते थे भगवान शिव की पूजा करते थे लेकिन तंत्र को नहीं मानते थे अब तंत्र पर सर्च हो रहा है भारत में हो रहा है ना वैज्ञानिक दृष्टि से इसे देखा जा रहा है ना हालांकि वेदों में कलयुग में बलि निषेध बताई गई है बली का निषेध बताया गया वो इसलिए क्योंकि एनर्जी ट्रांसफर करने की क्षमता उन मंत्रों का लुप्त हो जाना उन सामग्रियों का लुप्त हो जाना इसका सबसे बड़ा कारण है कलयुग में कि बलि का निषेध बताया गया एनर्जी ट्रांसफर करने की क्षमता नहीं है लोगों के पास में आज तो प्रैक्टिकल रीजन है पर आप यह नहीं कह सकते कि ऐसा कोई देवता ही नहीं हो सकता जो देवता मास भक्षण करे वह देवता नहीं होता यू कांट से दैट यू का सेट अरे भाई तो तो इसीलिए पुस्तकें जो है ज्ञान वर्धन करती है लेकिन इसके साथ में समय अनुसार हमें थोड़ा लॉजिकल होना आवश्यक है हमें प्रैक्टिकल होना आवश्यक है हमें किस समय में हम है काल क्षेत्र खंड में हैं वह उसको भी समझना अनिवार्य है मैंने नाम बता दिया एएस जीी इट्स महानिर्वाण तंत्रम मंगाइए और पढ़िए वैसे तंत्र का उल्लेख सामवेद अथर्ववेद में है आगम निगम में है आगम में है तो पढ़िए और उसको वैज्ञानिक दृष्टि से समझने की चेष्टा कीजिए कालखंड क्षेत्र उसके हिसाब से समझने की आज के युग के हिसाब से समझने की चेष्टा भी कीजिए आई होप यह छोटा सा वीडियो बिकॉज मुझे ना बारबार ऐसा लगता है कि क्योंकि यह डिस्कशन अभी भी हुआ था जब यह पॉडकास्ट हुआ था तो भी य डिस्कशन हुआ था च इ वेरी ओबवियस कि पॉडकास्ट होता है तो उसमें क्योंकि य तंत्र से जुड़ी हुई चीजें हैं तो उनकी जिज्ञासा रहती है वो लोग पूछते हैं कि क्या तंत्र में ऐसा है क्या ये तंत्र में पंच मकार है क्या तंत्र में सेक्स जुड़ा हुआ है विरोधाभास है कितनी सारी चीजें ऐसी हैं जो विधर्मी हों ने ऐड करवाई है धर्म भ्रष्ट करने के लिए तंत्र को वीक करने के लिए अशोक कौशिक जी जी जिनका कोई नहीं है ऐसा तो कभी भी नहीं हुआ मेरा भी कोई नहीं है तो मेरा भगवान है बाबा है ना अम्मा बाबा है अ वो सबके हैं कभी यह मत बोलिए कि हमारा कोई नहीं है वो सबके साथ में है तो मुझे लगा कि यह थोड़ा सा छोटा सा हालांकि है बहुत छोटा सा इसको मैं डिटेल में भी लेकर आऊंगी आप लोगों के साथ एक दिन डिस्कस किया जाएगा इसे इस चीज को भी और कुछ और मैटर्स है जो तंत्र को लेकर कंट्रोवर्शियल है तो मैं उन्हें भी डिस्कस करूंगी क्या है अरे भैया क्या दौरान पूजा पाठ के बीच भक्तों के द्वारा अपने शरीर के किसी अंग को काटकर क्या चढ़ाना या फिर किसी तरह बली किसी लिहाज से उचित नहीं सात्विक तरीके से तो विनय मिश्रा जी आप कीजिए ना आप कीजिए सात्विक पूजा आपको कौन रोक रहा है लेकिन जो करते हैं आप उन्हें गलत नहीं बोल सकते जो करते हैं उन्हें गलत नहीं मैं ओपनली बोलती हूं बहुत से लोग ओपनली नहीं बोलते इतना ही फर्क है ठीक है तो इसके लिए लेट्स नॉट ब्रिंग दिस की मैं नहीं बोलूंगी वह सब आप कीजिए आप सात्विक पूजा करते हैं आप कीजिए आप अपनी जगह सही है लेकिन जो लोग देवी को जो सुरा चढ़ाते हैं तो फिर सुरा पान के बारे में उल्लेख नहीं होना चाहिए था देवताओं के बारे में लिखा गया सुरा पान करते थे तो हटवा दीजिए फिर जाइए आप में अ शक्ति है इतनी हटवा दीजिए इतिहास अलग करवा दीजिए पूरा और शास्त्री पूरे नए रच दीजिए फिर जाइए तो तुम्हें पसंद नहीं है भैया अब तुमको उड़द की दाल पसंद नहीं है सामने वाला खा रहा है तुमको पसंद नहीं तो इसका मतलब यह थोड़ी कि सामने वाला को नहीं खाना चाहिए उड़द का दाल उड़द की दाल काम सी होती है मत खाया करो अरे उसमें गैस होती है इसके लिए मना करते हैं कि नहीं खाना चाहिए तो लॉजिकल प्लीज बी लॉजिकल साइंटिफिक व्हेन यू आर टॉकिंग व्हेन यू आर क्रिएटिंग कंट्रोवर्सी और यह बहुत सारे उसमें उल्लेख है सुरा पान का और देवता सुरा पान करते थे यह उल्लेख है हां वो बात अलग है कि आज जो बनता है और जो उस समय बनाया जाता था उसमें इतना ऐसा फर्क है जमीन और आसमान का लेकिन जो होता था व तो होता था दे व मोर एडवांस हमसे ज्यादा एडवांस थे व मेंटली तो मैं आपके अपने विचार हैं अभी जैसे व विनय मिश्रा जी ने लिखा कि योग गुणी जन भी ठीक है वो जीव हत्या के अगेंस्ट में है वो इसलिए बात करते हैं उसकी पर इसको नाकार नहीं सकते ना भाई की बलि तो दी जाती थी आज भी दी जाती है े तो आप नकार नहीं सकते ना क्षत्रिय राजा बलि देकर के जाते थे खाने के लिए लोग खाते हैं वह चलता है ब्रूटली उनको मारा जाता है वो चलता है क्यों क्योंकि उससे वो पिज्जा हट चल रहा है और वो क्या वो केएफसी वगैरह चल रहे हैं तो ब्रूटली दे आर मडर्ड एक भगवान के लिए कुछ चला जाता है उनके नाम से तो इसमें तकलीफ हो जाती है भगवान नहीं खाते और ऐसे दिया सब भगवान ने मैं दोनों पॉइंट समझती हूं मैं वैष्ण विजम में दीक्षित हूं तो मुझे पता है आप क्या कहना चाह रहे हैं मैं स्वयं भी सात्विक पूजा एं करती हूं लेकिन मेरी शिक्षा और दीक्षा वाम मार्गी दक्षिण मार्गी दोनों है लेकिन मैंने चुना है सात विकस को सातविक उसमें लहसुन प्याज नहीं छोड़ा है जब इस कन में थी तब बहुत स्ट्रिक्ट थी तो यह कौन पूछ रहा है आप कहां से हो शादी जी नहीं होता बेटा साधवी जी होता है श्याम लाल जी पृथ्वी से ही हूं जहां से आप हो जिस पृथ्वी से उसी से मैं भी हूं इसी प्लेनेट से हूं तो य ल है सी आई कैन अंडरस्टैंड विनय मिश्रा जी जो बोल रहे हैं मैं उनको भी समझ रही हूं क्योंकि मैं खुद वैष्णव इसमें भी दीक्षित हूं लेकिन मैं उनको भी समझती हूं कक मुझे तंत्र का मेरा स्टडी भी है साइंटिफिक स्टडी है प्लस तंत्र की दीक्षा भी है उस मार्ग में अघोर मार्ग में तंत्र मार्ग में मेरी दीक्षा है तो मुझे वो मार्ग भी पता है बट बहुत सारी चीजें मैं नहीं यहां शेयर कर सकती वह परंपरा में ही शेयर होती हैं परंपरा में ही चर्चा भी होती है यह मैंने दो पॉइंट आपके पास बुक से निकाल के रखे सामने एकदम पढ़ के बताया है अक्षरस तो सी अपना जैसा मैंने कहा मैं शुरू में जब मुंबई गई थी तो मुझे बड़ा आश्चर्य मैंने यह पंडित जी यह खा रहे हैं खाते हैं तो बोले कि हां हमारे यहां ऐसे कुछ पंडित हैं जो स्पेशली ऐसे वाले श्राद्ध के लिए भी जाते हैं तब मुझे यह पता अच्छा तो बहुत सारी चीजें हम सीखते हैं देखते हैं ऑब्जर्व करते हैं जज किसी को नहीं कर सकते भैया जज किसी को नहीं कर सकते यू नेवर नो द एनटायर स्टोरी आप इतना ही समझ रहे हो जो आपको यहां पर चर्चा हो रही है इतना ही पार्ट पता है उसके पीछ टायर स्टोरी क्या है आप कभी जान भी नहीं सकोगे उस व्यक्ति का पूरा बचपन से लेकर जीवन कैसा रहा है हम कभी जान नहीं सकते तो ी नो वन ू जज अरे तो हां कुलदीप राठोर भी मेरे लिए कुछ नहीं होता ब्लॉक मारो इस बंदे को आप जैसे लोग भी एस्ट नहीं करते राकेश राय जी तंत्र का अर्थ होता है तंतु तंत्र संस्कृत शब्द है तंत्र का अर्थ होता है तंतु तंतु यानी धागा और धागा का काम होता है जोड़ना चाहे वह समाज को जोड़ना हो टेक्नीक एक टेक्नीक है यह तंत्र यानी कि जो भी तन धातु से बना है य जो भी चीज है जो यंत्र और मंत्र को प्रयोग करके एक फॉर्म क्रिएट करती है दैट इज तंत्र मेनिफेस्टिंग योर डिजायर्स और मेनिफेस्टिंग किसी चीज को फॉर्म में ले आना इस तंत्र उस टेक्नीक जो उसे बनाती है ट टेक्नीक इज कॉल्ड तंत्र मुझे बुक लिखनी है बुक लिख के उसको छापना है छापने की मशीन यंत्र है तकनीक यानी विधि यस टेक्नीक विधि तरीका यस सिंपल सिंपल वर्ड्स में तरीका किसी चीज को करने का सब्जी में कैसे बनानी है चलिए सब्जी बनाते हैं ठीक है नमक डालो यह डालो वो डालो तो वो तरीका है ना लेकिन नमक कितना डालना है कितना यह करना है जिससे उसमें स्वाद रहे नमक ज्यादा ना हो जाए तो वो है विधि वो है टेक्नीक वो है उसका कार्य करने का तरीका मतलब तंत्र को करने का तरीका तो तंत्र इज नॉट समथिंग जो लोग बोलते हैं ना कि अरे तांत्रिक है अच्छा तांत्रिक हो तो जाओ जरा मरे हुए जिंदा कर दो क्यों भैया भगवान भी इसमें बीच में नहीं आते और तुम इंसान से ही उम्मीद करते हो जन्म और मृत्यु पर किसका अधिकार है जन्म मृत्यु और कर्म के फल पर भगवान का पूर्ण अधिकार है तंत्र के देवता अच्छा वट क्वेश्चन विनय मिश्रा जी भैरव भी तंत्र के देवता हैं शिव तंत्र है स्वयं उन्होंने सती को त्र ट्रांसफर किया ऊर्जा व ट्रांसफर की भैरव भैरवी यह भी तंत्र के देवता है तो तंत्र के भगवान शिव के द्वारा सती को देने के बाद में और भी डिस्ट्रीब्यूटर के हैं नरसिंह भी तंत्र है तो बहुत सारे हैं सो ऋग्वेद के अंदर तंत्रोक्त श्री सूक्त के बारे में चर्चा है तंत्रोक्त क्यों कहा गया भाई फिर इसे तंत्र से इतनी चड़ है कई लोगों को मत पढ़ो श्री सूक्त मत लक्ष्मी को आकर्षित करने वाले सिद्ध करने वाले अनुष्ठान करो मत करो अगर तंत्र से इतनी चड़ है तो यह सब अनुष्ठान बंद करो क्योंकि अनुष्ठान सभी तंत्र से जुड़े हुए हैं मानो ना मानो चा ना चाहो कोई भी अनुष्ठान बिना तंत्र क्रिया के पूरा नहीं हो सकता आज्ञा लेती हूं हर हर महादेव जय भवानी जय अखंड भारत जय हिंदू राष्ट्र विचार कीजिए बोलने से पहले किसी को कि हम बोलते हैं ना जज करते हैं सबको तो विचार कीजिए जज वही करता है जिसमें स्वयं में कमी होती है वही जज करता है जिसमें स्वयं में कमी नहीं होगी उसको पड़ी नहीं है जो स्वयं अपने पर फोकस्ड है ना अपने लक्ष्य पर जो फोकस जिसके पास लक्ष्य है जीवन में व कभी किसी को जज नहीं करेगा जब लक्ष्य नहीं होता तो जज करने के लिए हमारे पास टाइम होता है थैंक यू सो मच

No comments:

Post a Comment

होलिका दहन की शुभकामनाएँ । होली का टोटका

हर हर महादेव आप सभी को होली का दहन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आज मध्य रात्रि में मुहूर्त है 12:30 बजे के बाद से तो पूजा जो है उसी समय की जाए...